Vaky Parivartan (वाक्य-परिवर्तन)

Vaky Parivartan (वाक्य-परिवर्तन)

    वाक्य-परिवर्तन (Vaky Parivartan) की परिभाषा

    बिना अर्थ बदले किसी वाक्य को दूसरे प्रकार के वाक्य में परिवर्तित करना वाक्य-परिवर्तन कहलाता हैं।

    यहाँ वाक्य-परिवर्तन के कुछ उदाहरण दिए जा रहे हैं-

    सरल वाक्य से मिश्र वाक्य

    सरल वाक्य- मेहनत करनेवाले हमेशा सफल होते हैं।
    मिश्र वाक्य- जो मेहनत करते हैं, वे हमेशा सफल होते हैं।
    सरल वाक्य- उसके आने के बाद मैं आऊँगा।
    मिश्र वाक्य- जब वह आएगा तब मैं आऊँगा।

    सरल वाक्य से संयुक्त वाक्य

    सरल वाक्य- बीमार होने के कारण वह विद्यालय नहीं गया।
    संयुक्त वाक्य- वह बीमार था, इसलिए विद्यालय नहीं गया।
    सरल वाक्य- उसने गलती करने पर सजा पाई।
    संयुक्त वाक्य- उसने गलती की और सजा पाई।
    सरल वाक्य- वह बाजार जाकर सब्जी लाएगा।
    संयुक्त वाक्य- वह बाजार जाएगा और सब्जी लाएगा।

    मिश्र वाक्य से सरल वाक्य

    मिश्र वाक्य- विद्वान् जहाँ-जहाँ जाते हैं, उनकी पूजा होती है।
    सरल वाक्य- विद्वान सभी जगह पूजे जाते हैं।
    मिश्र वाक्य- जब खेल बंद हो गया तब सबलोग चले गए।
    सरल वाक्य- खेल बंद होने पर सबलोग चले गए।
    मिश्र वाक्य- जिन्हें स्वयं पर विश्वास होता हैं, वे आत्मविश्वासी कहलाते हैं।
    सरल वाक्य- स्वयं पर विश्वास रखने वाले आत्मविश्वासी कहलाते हैं।

    संयुक्त वाक्य से सरल वाक्य

    संयुक्त वाक्य- सुबह होती है और चिड़िया चहकने लगती है।
    सरल वाक्य- सुबह होने पर चिड़िया चकने लगती है।
    संयुक्त वाक्य- मैंने बहुत कोशिश की, किंतु उसने नहीं पढ़ा।
    सरल वाक्य- मेरी बहुत कोशिश के बावजूद उसने नहीं पढ़ा।
    संयुक्त वाक्य- उसे सामान लाना था, इसलिए बाजार गया।
    सरल वाक्य- वह सामान लाने के लिए बाजार गया।
    मिश्र वाक्य से संयुक्त वाक्य
    मिश्र वाक्य- ज्योहीं मैं घर से निकला, वर्षा शुरू हो गई।
    संयुक्त वाक्य- मैं घर से निकला और वर्षा शुरू हो गई।
    मिश्र वाक्य- जैसे ही मैं स्टेशन पहुँचा, गाड़ी खुल गई।
    संयुक्त वाक्य- मैं स्टेशन पहुँचा और गाड़ी खुल गई।
    मिश्र वाक्य- जब हिमांशु गया तब मैं आया।
    संयुक्त वाक्य- हिमांशु गया और मैं आया।

    वाक्य-रूपांतर

    विकारी शब्द की तरह वाक्य के रूप में भी लिंग, वचन, पुरुष तथा काल-भेद के अनुसार परिवर्तन होता हैं। जैसे-

    लिंग के अनुसार-
    गौरव लिखता है।
    रानी लिखती है।
    लड़का लिखता है।
    लड़की लिखती है।

    वचन के अनुसार-
    वह पढ़ता है।
    वे पढ़ते हैं।
    मैं पढ़ता हूँ।
    हमलोग पढ़ते हैं।

    पुरुष के अनुसार-
    उत्तम पुरुष- मैं दौड़ता हूँ। मैं गाता हूँ।
    मध्यम पुरुष- तुम दौड़ते हो। तुम गाते हो।
    अन्य पुरुष- वह दौड़ता है। वह गाता है।

    काल के अनुसार-
    वर्तमान काल
    सामान्य वर्तमान- वह खाता है।
    अपूर्ण वर्तमान- वह खा रहा है।
    संदिग्ध वर्तमान- वह खाता होगा।

    भूतकाल
    सामान्य भूत- उसने खाया।
    आसन भूत- उसने खा लिया है।
    पूर्ण भूत- वह खा चुका था।
    अपूर्ण भूत- वह खा रहा था।
    संदिग्ध भूत- उसने खा लिया होगा।
    हेतुहेतुमद् भूत- यदि वह खाता तो बीमार नहीं पड़ता।

    भविष्यत् काल
    सामान्य भविष्यत्- वह खाएगा।
    संभाव्य भविष्यत्- शायद वह खाए।
    हेतुहेतुमद् भविष्यत्- यदि वह खाएगा तो बीमार नहीं पड़ेगा।

    सम्पूर्ण हिन्दी व्याकरण:



    Vaky Parivartan (वाक्य-परिवर्तन)


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