Thanks for visiting .

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लाचित बोड़फुकन को श्रद्धांजलि दी

लाचित बोड़फुकन को श्रद्धांजलि
लाचित बोड़फुकन चर्चा में:
  • हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लाचित बोड़फुकन को श्रद्धांजलि अर्पित की है।

लाचित बोड़फुकन के बारे में:

लाचित बोड़फुकन का जन्म:
  • लाचित बोड़फुकन का जन्म 24 नवम्बर 1622 को हुआ था।
  • 24 नवम्बर को उनके जन्म के कारण यह दिन पूरे असम और देश में लाचित दिवस के रूप में मनाया जाता है।
लाचित बोड़फुकन कौन थे?
  • लाचित बोड़फुकन आहोम साम्राज्य के एक सेनापति और बरफूकन (6,000 सैनिकों का संचालन करने वाला) थे।
  • लाचित बोड़फुकन को सराईघाट की लड़ाई (1671) में अपनी नेतृत्व-क्षमता के लिए जाना जाता हैं।
आहोम साम्राज्य के बारे में:
  • स्थापना: आहोम साम्राज्य की स्थापना 13 वीं शताब्दी में की गयी थी। इस साम्राज्य की स्थापना दीखौ और दीहिंग नदियों के बीच की गयी थी जिसका श्रेय छो लुंग सुकफा (असम में पहले अहोम राजा और आहोम साम्राज्य के संस्थापक) को जाता है।
  • मामोरिया विद्रोह के बाद जोरहाट, आहोम साम्राज्य की राजधानी बन गया था।
सराईघाट की लड़ाई (1671) के बारे में:
  • सराईघाट का युद्ध सन 1671 में मुगल साम्राज्य (कच्छवाहा राजा, राजा राम सिंह प्रथम के नेतृत्व में), और आहोम साम्राज्य (लाचित बोड़फुकन के नेतृत्व में) के बीच ब्रह्मपुत्र नदी पर सराईघाट (गुवाहाटी, असम) में लड़ा गया था।
  • इस युद्ध में कमजोर, अहोम सेना के नेतृत्वकर्ता लाचित बोड़फुकन ने अपनी बेहतर रणनीति और मनोवैज्ञानिक युद्ध से मुगल सेना को हराया था।
लाचित बोड़फुकन के सम्मान में सरकार द्वारा उठाये गए कदम:
  • लाचित बोड़फुकन स्वर्ण पदक की स्थापना 1999 में रक्षा कर्मियों को बोरफुकन की वीरता और बलिदान का अनुकरण करने के लिए प्रेरित करने के लिए की गई थी।
  • लाचित बोड़फुकन स्वर्ण पदक राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के सर्वश्रेष्ठ कैडेट को प्रदान किया जाता है।
लाचित बोड़फुकन की मृत्यु:
  • लाचित बोड़फुकन की मृत्यु २५ अप्रैल 1672 को हो गयी थी।

लाचित बोड़फुकन


All Rights Reserved © National GK Developed by National GK