Vakya Visletion (वाक्य विश्लेषण)
वाक्य विश्लेषण (Vakya Visletion) की परिभाषा वाक्य में प्रयुक्त पदों को अलग-अलग कर उनका पारस्परिक संबंध बतलाना ही वाक्य-विश्लेषण कहलाता है। वाक्य विश्लेषण में पहले उद्देश्य एवं विधेय को छाँट लिया जाता है। उसके बाद उनके विस्तार का अलग-अलग उल्लेख किया जाता है। सरल वाक्य का विश्लेषण सरल वाक्य का विश्लेषण करते समय हमें निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए- (1) उद्देश्य और विधेय को पहचानकर अलग कर लें। (2) पहले उद्देश्य (कर्ता) तथा बाद में उद्देश्य के विस्तार का उल्लेख करें। (3) यदि क्रिया सकर्मक हो तो विधेय में कर्म तथा कर्म के विस्तार का उल्लेख करने के बाद क्रिया तथा क्रिया के विस्तार (क्रियाविशेषण) का उल्लेख करें। जैसे- परिश्रमी व्यक्ति हर क्षेत्र में सफल होता है। उद्देश्य (कर्ता) - व्यक्ति उद्देश्य का विस्तार (विशेषण) - परिश्रमी विद्येय - हर क्षेत्र में सफल होता है। कर्म - सफल क्रिया - होता है क्रिया का विस्तार (क्रियाविशेषण) - हर क्षेत्र में संयुक्त वाक्य का विश्लेषण संयुक्त वाक्यों का विश्लेषण सरल वाक्यों की तरह ही होता है। संयुक्त वाक्यों में दो सरल वाक्य होते हैं जो योजक अव्यय द्वारा जुड़े होते हैं। …