झारखण्ड का पाइका नृत्य (पुरुष सदस्य) किसके द्वारा प्रस्तुत किया जाता है?
झारखण्ड का पाइका नृत्य (पुरुष सदस्य) किसके द्वारा प्रस्तुत किया जाता है?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”! 🎉 जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। झारखण्ड का पाइका नृत्य (पुरुष सदस्य) मुंडा जनजाति द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। झारखंड का पाइका नृत्य मुंडा जनजाति की एक प्रमुख सांस्कृतिक धरोहर है जो मुख्य रूप से पुरुष सदस्यों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। यह युद्धकला से प्रेरित लोक नृत्य वीरता और साहस का प्रतीक है। उत्पत्ति और महत्व पाइका नृत्य मूल रूप से मुंडा जनजाति द्वारा युद्ध के मैदान में दुश्मनों को ललकारने के लिए विकसित किया गया था। यह झारखंड के छोटानागपुर पठार क्षेत्र विशेषकर रांची, खूंटी, लोहरदगा और पूर्वी सिंहभूम जैसे जिलों में प्रचलित है। अब यह धार्मिक जुलूसों, विशेष अतिथियों के स्वागत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुत होता है। प्रस्तुति शैली यह नृत्य पुरुषों द्वारा किया जाता है जिसमें कम से कम 18 कलाकार भाग लेते हैं। नर्तक गोल घेरे में तेज छलांगें लगाते हुए हाथों को युद्ध मुद्रा में उठाते हैं और गगनभेदी युद्धघोष करते हैं। वाद्ययंत्रों…