पुष्यमित्र शुंग ने अश्वमेघ यज्ञ किए थे यह जानकारी किस ग्रंथ से प्राप्त होती है?
पुष्यमित्र शुंग ने अश्वमेघ यज्ञ किए थे यह जानकारी किस ग्रंथ से प्राप्त होती है?
पुष्यमित्र शुंग ने अश्वमेघ यज्ञ किए थे यह जानकारी महाभाष्य से प्राप्त होती है। भारतीय प्राचीन इतिहास में मौर्योत्तर काल एक संक्रमणकालीन युग माना जाता है जिसमें राजनीतिक सत्ता के साथ-साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक धाराओं में भी गहरे परिवर्तन देखने को मिलते हैं। मौर्य साम्राज्य के पतन के पश्चात् जिस वंश ने उत्तर भारत में सत्ता संभाली वह शुंग वंश था। इस वंश के संस्थापक पुष्यमित्र शुंग भारतीय इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तथा विवादास्पद व्यक्तित्व माने जाते हैं। पुष्यमित्र शुंग के शासन से जुड़ा सबसे चर्चित विषय उनका अश्वमेघ यज्ञ कराना है। यह विषय इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसकी जानकारी किसी शिलालेख या अभिलेख से नहीं बल्कि एक संस्कृत व्याकरण ग्रंथ महाभाष्य से प्राप्त होती है। महाभाष्य जो कि पतंजलि द्वारा रचित है न केवल भाषावैज्ञानिक ग्रंथ है बल्कि उसमें तत्कालीन राजनीतिक और सामाजिक स्थितियों के भी अनेक अप्रत्यक्ष संदर्भ मिलते हैं। शुंग वंश का उदय और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि मौर्य साम्राज्य के अंतिम शासक बृहद्रथ की हत्या उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने की थी। इस घटना के साथ ही लगभग 1…