बाह्य चुंबकीय प्रभावों से वैज्ञानिक यंत्रों की रक्षा कैसे की जाती है?

बाह्य चुंबकीय प्रभावों से वैज्ञानिक यंत्रों की रक्षा कैसे की जाती है?
बाह्य चुंबकीय प्रभावों से वैज्ञानिक यंत्रों की रक्षा लोहे कवर में रखकर की जाती है। आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी का संपूर्ण विकास अत्यंत संवेदनशील वैज्ञानिक यंत्रों (Scientific Instruments) पर निर्भर करता है। प्रयोगशालाओं, अनुसंधान केंद्रों, चिकित्सा उपकरणों, अंतरिक्ष विज्ञान, दूरसंचार तथा रक्षा क्षेत्र में प्रयुक्त अनेक यंत्र इतने संवेदनशील होते हैं कि उनके आसपास का थोड़ा-सा भी बाह्य चुंबकीय प्रभाव (External Magnetic Influence) उनके कार्य, माप और परिणामों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक है और इसके अतिरिक्त विद्युत उपकरण, मोटर, ट्रांसफॉर्मर, हाई-टेंशन तार, मोबाइल टावर, MRI मशीनें आदि निरंतर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते रहते हैं। ऐसे में वैज्ञानिक यंत्रों को इन बाह्य चुंबकीय प्रभावों से सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। इसी आवश्यकता के कारण एक अत्यंत प्रभावी और व्यावहारिक उपाय अपनाया जाता है। वैज्ञानिक यंत्रों को लोहे के कवर (Iron Shield / Iron Enclosure) में रखकर बाह्य चुंबकीय प्रभावों से उनकी रक्षा की जाती है। चुंबकीय क्षेत्र और बाह्य चुंबकीय प्रभ…

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