गैसों के दाब को मापने के लिए जिन यंत्रों का उपयोग किया जाता है उनमें मैनोमीटर (Manometer) का विशेष स्थान है। मैनोमीटर एक सरल, सटीक और विश्वसनीय यंत्र है जिसका प्रयोग मुख्यतः गैसों तथा तरलों के दाब के मापन के लिए किया जाता है।
दाब की परिभाषा
किसी सतह पर लंबवत लगने वाला बल प्रति इकाई क्षेत्रफल दाब कहलाता है।
- दाब = बल/क्षेत्रफल
दाब की SI इकाई
- पास्कल (Pascal)
- 1 पास्कल = 1 न्यूटन / वर्ग मीटर
अन्य प्रचलित इकाइयाँ
- वायुमंडल (atm)
- बार (bar)
- मिमी पारा स्तंभ (mm of Hg)
- टॉर (torr)
गैसों का दाब
गैसें अपने पात्र की दीवारों पर निरंतर टकराती रहती हैं। गैस के अणुओं की यह टक्कर ही गैसीय दाब उत्पन्न करती है। गैसों का दाब निम्न बातों पर निर्भर करता है:
- गैस के अणुओं की संख्या
- तापमान
- पात्र का आयतन
गैसों के दाब को मापने के लिए उपयुक्त यंत्र की आवश्यकता होती है और यही आवश्यकता मैनोमीटर पूरी करता है।
मैनोमीटर क्या है?
मैनोमीटर वह यंत्र है जिसका प्रयोग गैसों या तरलों के दाब को मापने के लिए किया जाता है। यह प्रायः U-आकार की काँच की नली होती है जिसमें पारा (Mercury) या कोई अन्य द्रव भरा होता है। सरल शब्दों में मैनोमीटर वह यंत्र है जिससे गैसों का दाब वायुमंडलीय दाब की तुलना में मापा जाता है।
मैनोमीटर का इतिहास
दाब मापन की अवधारणा का विकास 17वीं शताब्दी में हुआ।
- इवेंजेलिस्टा टॉरिसेली ने सर्वप्रथम पारे के स्तंभ द्वारा वायुदाब को मापा।
- इसी प्रयोग के आधार पर आगे चलकर मैनोमीटर का विकास हुआ।
मैनोमीटर ने वैज्ञानिकों को यह समझने में सहायता की कि गैसें भी दाब उत्पन्न करती हैं और उसे मापा जा सकता है।
मैनोमीटर की संरचना
एक सामान्य मैनोमीटर के मुख्य भाग:
- U-आकार की काँच की नली
- दाब मापने वाला द्रव (पारा, जल, तेल)
- एक सिरा गैस पात्र से जुड़ा
- दूसरा सिरा वायुमंडल के लिए खुला या बंद
मैनोमीटर के प्रकार
मैनोमीटर मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:
खुला मैनोमीटर (Open End Manometer)
- इस मैनोमीटर का एक सिरा वायुमंडल के लिए खुला होता है तथा दूसरा सिरा गैस पात्र से जुड़ा रहता है।
- कार्य सिद्धांत
- यदि गैस का दाब वायुमंडलीय दाब से अधिक है तो पारे का स्तर गैस वाले सिरे में नीचे और खुले सिरे में ऊपर हो जाता है।
- यदि गैस का दाब कम है तो पारे का स्तर उल्टा हो जाता है।
बंद सिरा मैनोमीटर (Closed End Manometer)
- इस मैनोमीटर का एक सिरा पूर्णतः बंद होता है और उसमें निर्वात (Vacuum) होता है।
विशेषता
- यह गैस का पूर्ण (Absolute) दाब मापता है।
मैनोमीटर का कार्य सिद्धांत
- मैनोमीटर द्रव स्तंभ के संतुलन सिद्धांत पर कार्य करता है।
- जब गैस का दाब द्रव पर कार्य करता है तो द्रव स्तंभ ऊपर-नीचे खिसकता है।
- द्रव स्तंभ की ऊँचाई का अंतर ही दाब का माप प्रदान करता है।
मैनोमीटर में प्रयुक्त द्रव
- मैनोमीटर में प्रयुक्त द्रव का चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामान्यतः प्रयुक्त द्रव:
- पारा (Mercury)
- जल
- तेल
पारा क्यों उपयुक्त है?
- उच्च घनत्व
- कम वाष्प दाब
- काँच को गीला नहीं करता
- स्पष्ट स्तर दिखाई देता है
मैनोमीटर और बैरोमीटर में अंतर
मैनोमीटर मुख्यतः गैसों के दाब को मापने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह किसी बंद पात्र में भरी गैस के दाब की तुलना वायुमंडलीय दाब से करता है। प्रयोगशालाओं में गैस नियमों, दाब संबंधी प्रयोगों तथा वैज्ञानिक परीक्षणों में मैनोमीटर का व्यापक उपयोग होता है। इसकी संरचना सामान्यतः U-आकार की काँच की नली की होती है जिसमें पारा या कोई अन्य द्रव भरा रहता है। द्रव स्तंभ की ऊँचाई में अंतर देखकर गैस के दाब का निर्धारण किया जाता है।
इसके विपरीत, बैरोमीटर का उपयोग केवल वायुमंडलीय दाब को मापने के लिए किया जाता है। यह दाब की तुलना निर्वात (Vacuum) से करता है। मौसम विज्ञान में बैरोमीटर का विशेष महत्व है क्योंकि वायुदाब के परिवर्तन के आधार पर मौसम का पूर्वानुमान लगाया जाता है। बैरोमीटर की संरचना अपेक्षाकृत सरल होती है और इसमें सामान्यतः सीधी काँच की नली का प्रयोग किया जाता है जिसके ऊपरी सिरे पर निर्वात होता है।
इस प्रकार स्पष्ट है कि मैनोमीटर और बैरोमीटर दोनों दाब मापन से संबंधित यंत्र हैं लेकिन मैनोमीटर गैसों के दाब को मापने के लिए प्रयोगशालाओं में उपयोग किया जाता है जबकि बैरोमीटर वायुमंडलीय दाब को मापने के लिए मौसम विज्ञान में प्रयुक्त होता है।
मैनोमीटर के उपयोग
मैनोमीटर का प्रयोग अनेक क्षेत्रों में किया जाता है:
प्रयोगशालाओं में
- गैस नियमों के अध्ययन में
- दाब मापन प्रयोगों में
औद्योगिक क्षेत्र
- बॉयलर दाब जाँच
- गैस पाइपलाइन
चिकित्सा विज्ञान
- रक्तचाप यंत्र (Sphygmomanometer) में
मौसम विज्ञान
- दाब परिवर्तन अध्ययन
शिक्षा
- भौतिकी के व्यावहारिक प्रयोग
मैनोमीटर के लाभ
- सरल संरचना
- सटीक मापन
- कम लागत
- विश्वसनीय परिणाम
मैनोमीटर की सीमाएँ
- बहुत अधिक दाब मापने में कठिनाई
- पारा विषैला होता है
- पोर्टेबल नहीं
- तापमान परिवर्तन से त्रुटि
आधुनिक मैनोमीटर
आजकल डिजिटल मैनोमीटर भी विकसित हो चुके हैं जो:
- इलेक्ट्रॉनिक सेंसर का उपयोग करते हैं
- अधिक सटीक होते हैं
- आसानी से पढ़े जा सकते हैं
