आगरे के लाल किले में ‘मोती मस्जिद’ किस मुगल शासक ने बनवाई थी?
आगरे के लाल किले में ‘मोती मस्जिद’ किस मुगल शासक ने बनवाई थी?
आगरे के लाल किले में ‘मोती मस्जिद’ शाहजहाँ ने बनवाई थी। भारत के मध्यकालीन इतिहास में मुगल काल को उसकी समृद्ध संस्कृति, प्रशासनिक कुशलता और अद्वितीय स्थापत्य परंपरा के लिए जाना जाता है। इस काल के शासकों ने केवल राजनीतिक विस्तार ही नहीं किया बल्कि कला, वास्तुकला और धार्मिक संरचनाओं को भी विशेष संरक्षण दिया। मुगल स्थापत्य की इसी महान परंपरा में आगरा के लाल किले के भीतर स्थित मोती मस्जिद एक अनुपम कृति के रूप में प्रतिष्ठित है। इस मस्जिद का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहाँ ने करवाया था। यह मस्जिद न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रही बल्कि श्वेत संगमरमर में निर्मित होने के कारण मुगल वास्तुकला की सौंदर्यपूर्ण पराकाष्ठा भी मानी जाती है। मोती मस्जिद का उल्लेख आते ही मन में शुद्धता, सादगी और शाही गरिमा का चित्र उभरता है। ‘मोती’ शब्द अपने आप में चमक, निर्मलता और मूल्य का बोध कराता है और यह मस्जिद अपने नाम के अनुरूप ही संगमरमर की आभा से दमकती है। मुगल काल और शाहजहाँ का युग मुगल साम्राज्य की नींव बाबर ने रखी जिसे अकबर ने सुदृढ़ किया और जहाँगीर ने स्थिरता प्रदान की। इसके पश्चात् शाहजहाँ का शासनकाल (1628–1658…