वह जनजाति कौन सी है जो असम में बागुरुम्बा लोक नृत्य करती है?
वह जनजाति कौन सी है जो असम में बागुरुम्बा लोक नृत्य करती है?
वह जनजाति बोडो जनजाति है जो असम में बागुरुम्बा लोक नृत्य करती है। भारत की सांस्कृतिक विविधता उसकी जनजातीय परंपराओं में सबसे अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। प्रत्येक जनजाति की अपनी विशिष्ट पहचान, भाषा, जीवनशैली, लोकविश्वास और नृत्य–संगीत की परंपरा होती है। पूर्वोत्तर भारत, विशेषकर असम, जनजातीय संस्कृति का एक समृद्ध केंद्र है। इसी सांस्कृतिक धरातल पर बोडो जनजाति का विशेष स्थान है। बोडो जनजाति की पहचान उनके लोकनृत्यों, गीतों और पर्वों से जुड़ी हुई है जिनमें बागुरुम्बा लोक नृत्य सबसे प्रसिद्ध और प्रतिनिधिक माना जाता है। बोडो जनजाति : परिचय बोडो जनजाति असम की सबसे प्राचीन और प्रमुख जनजातियों में से एक है। इन्हें बोडो–कछारी भी कहा जाता है। ऐतिहासिक और भाषावैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार बोडो लोग तिब्बतो–बर्मन भाषा परिवार से संबंधित हैं। बोडो जनजाति मुख्य रूप से असम के कोकराझार, बक्सा, उदालगुरी, चिरांग आदि जिलों में निवास करती है। बोडो समाज कृषि प्रधान रहा है। धान की खेती, पशुपालन और वनोपज संग्रह इनके जीवन के मुख्य आधार रहे हैं। प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीना बोडो जीवन-दर्शन का मूल तत्व है औ…