उत्तररामचरितम् के लेखक कौन हैं?

उत्तररामचरितम् के लेखक कौन हैं?
उत्तररामचरितम्  के लेखक भवभूति हैं। संस्कृत साहित्य भारतीय संस्कृति, दर्शन और जीवन-मूल्यों का अमूल्य भंडार है। इस साहित्य में महाकाव्य, नाटक, कथा, नीति और दर्शन सभी विधाओं का अद्भुत विकास देखने को मिलता है। विशेष रूप से संस्कृत नाटक भारतीय काव्य-परंपरा का वह क्षेत्र है जहाँ भाव, रस और नाट्य-शिल्प का उत्कृष्ट समन्वय दिखाई देता है। कालिदास के बाद यदि किसी नाटककार का नाम सर्वाधिक आदर और गंभीरता के साथ लिया जाता है तो वह हैं भवभूति। भवभूति द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक उत्तररामचरितम् संस्कृत साहित्य की अमर कृतियों में गिना जाता है। यह नाटक रामकथा के उत्तरकांड पर आधारित है और उसमें करुण रस, त्याग, कर्तव्य और मानवीय संवेदनाओं की गहन अभिव्यक्ति मिलती है। भवभूति : जीवन और व्यक्तित्व भवभूति का जन्म लगभग 8वीं शताब्दी ईस्वी में माना जाता है। उनका जन्मस्थान विदर्भ प्रदेश (वर्तमान महाराष्ट्र क्षेत्र) बताया जाता है। भवभूति का वास्तविक नाम श्रीकंठ माना जाता है जबकि ‘भवभूति’ उनका साहित्यिक नाम था। वे एक विद्वान ब्राह्मण परिवार से संबंधित थे और उन्होंने वेद, उपनिषद, मीमांसा, व्याकरण तथा काव्यशास्त्र का गहन अ…

Post a Comment