पानी में सुई तो डूब जाती है जबकि भारी-भारी समुद्री जहाज तैरते रहते हैं इसका क्या कारण है?

पानी में सुई तो डूब जाती है जबकि भारी-भारी समुद्री जहाज तैरते रहते हैं इसका क्या कारण है?
पानी में सुई तो डूब जाती है जबकि भारी-भारी समुद्री जहाज तैरते रहते हैं इसका कारण यह है कि जहाज के डूबे हुए भाग से हटाए गए पानी का भार सारे जहाज के बराबर होता है इसलिए वह प्लावन करता है जबकि सुई के द्वारा हटाए गए पानी का भार सुई के भार से कम होता है जिससे सुई पानी में डूब जाती है । दैनिक जीवन में हम एक रोचक और पहली दृष्टि में विरोधाभासी प्रतीत होने वाली घटना देखते हैं। एक छोटी-सी सुई पानी में डालते ही डूब जाती है जबकि लाखों टन वज़न वाले समुद्री जहाज समुद्र में आराम से तैरते रहते हैं। सामान्य समझ से यह प्रश्न उठता है कि जो वस्तु हल्की है वह डूब क्यों जाती है और जो अत्यंत भारी है वह तैर कैसे सकती है? इस प्रश्न का उत्तर प्लावन (Buoyancy), विस्थापन, घनत्व और उत्प्लावक बल जैसे भौतिक सिद्धांतों में निहित है। प्लावन की मूल अवधारणा जब कोई वस्तु किसी द्रव (जैसे पानी) में डाली जाती है तो वह द्रव उस वस्तु पर ऊपर की दिशा में एक बल लगाता है। इस बल को उत्प्लावक बल कहा जाता है। यह बल वस्तु द्वारा हटाए गए (विस्थापित) द्रव के भार के बराबर होता है। यदि उत्प्लावक बल वस्तु के भार के बराबर या उससे अधिक हो जाए…

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