समुद्र का जल नीला क्यों दिखाई देता है? जल के कणों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण समुद्र का जल नीला दिखाई देता है। प्रकृति के सबसे मनोहारी दृश्यों में समुद्र का नीला विस्तार एक विशेष स्थान रखता है। दूर-दूर तक फैला हुआ नीला जल न केवल सौंदर्य की अनुभूति कराता है बल्कि विज्ञान के दृष्टिकोण से भी अनेक जिज्ञासाएँ उत्पन्न करता है। सामान्य प्रश्न यह है कि समुद्र का जल नीला क्यों दिखाई देता है? क्या समुद्र का अपना कोई रंग होता है या यह आकाश के नीले रंग का प्रतिबिंब मात्र है? विज्ञान इस प्रश्न का स्पष्ट उत्तर देता है। समुद्र का जल मुख्यतः जल के कणों द्वारा सूर्य के प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering) के कारण नीला दिखाई देता है। प्रकाश का स्वभाव और वर्णक्रम सूर्य का प्रकाश श्वेत (White Light) होता है जिसमें सात प्रमुख रंग शामिल होते हैं बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल। इन सभी रंगों की तरंगदैर्घ्य (Wavelength) अलग-अलग होती है। नीले और बैंगनी रंग की तरंगदैर्घ्य कम होती है। लाल रंग की तरंगदैर्घ्य अधिक होती है। जब यह श्वेत प्रकाश किसी माध्यम से होकर गुजरता है तो माध्यम के कणों के साथ उसकी अंतःक्रिया होती है। यही अंतःक्रिया प्र…