ताप बढ़ाने पर अर्धचालकों (Semiconductors) की चालकता पर क्या प्रभाव पड़ता है?

ताप बढ़ाने पर अर्धचालकों (Semiconductors) की चालकता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
ताप बढ़ाने पर अर्धचालकों (Semiconductors) की चालकता बढ़ जाती है । भौतिकी के अध्ययन में पदार्थों को उनकी विद्युत चालकता (Electrical Conductivity) के आधार पर मुख्यतः तीन वर्गों में विभाजित किया जाता है: चालक (Conductors), अचालक (Insulators) और अर्धचालक (Semiconductors)। अर्धचालक ऐसे पदार्थ हैं जिनकी चालकता न तो बहुत अधिक होती है और न ही बहुत कम बल्कि यह दोनों के बीच की अवस्था में होती है। इन पदार्थों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि ताप बढ़ाने पर इनकी चालकता बढ़ जाती है जबकि धातुओं में इसका ठीक उल्टा प्रभाव देखा जाता है। यह गुण ही अर्धचालकों को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की रीढ़ बनाता है। कंप्यूटर, मोबाइल फोन, रेडियो, टेलीविजन, सौर सेल, ट्रांजिस्टर, डायोड, माइक्रोप्रोसेसर इन सभी उपकरणों का आधार अर्धचालक पदार्थ हैं। अर्धचालक क्या हैं? अर्धचालक वे पदार्थ हैं जिनकी विद्युत चालकता चालक और अचालक के बीच होती है। ये सामान्य तापमान पर सीमित मात्रा में विद्युत धारा का प्रवाह करते हैं। सबसे प्रमुख अर्धचालक तत्व हैं: Silicon Germanium इन दोनों तत्वों की परमाणु संरचना में बाह्य कक्षा (Valence Shell) म…

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