मनुष्य की श्रव्यता की सीमा क्या है?

मनुष्य की श्रव्यता की सीमा क्या है?
मनुष्य की श्रव्यता की सीमा 20 हर्ट्ज से 20000 हर्ट्ज तक है। ध्वनि (Sound) हमारे जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। हम बोलते हैं, सुनते हैं, संगीत का आनंद लेते हैं, प्रकृति की ध्वनियों को अनुभव करते हैं ये सब ध्वनि के कारण ही संभव है। किंतु क्या आपने कभी सोचा है कि मनुष्य हर प्रकार की ध्वनि क्यों नहीं सुन सकता? इसका उत्तर हमारी श्रव्यता की सीमा (Range of Hearing) में छिपा हुआ है। वैज्ञानिकों के अनुसार सामान्य मनुष्य की श्रव्यता की सीमा 20 हर्ट्ज (Hz) से 20000 हर्ट्ज (Hz) तक होती है। इसका अर्थ यह है कि 20 हर्ट्ज से कम आवृत्ति वाली ध्वनियाँ (Infrasonic waves) और 20000 हर्ट्ज से अधिक आवृत्ति वाली ध्वनियाँ (Ultrasonic waves) सामान्यतः मनुष्य को सुनाई नहीं देतीं। ध्वनि क्या है? ध्वनि एक प्रकार की यांत्रिक तरंग (Mechanical Wave) है जो किसी माध्यम (जैसे वायु, जल या ठोस पदार्थ) में कंपन (Vibration) के माध्यम से चलती है। जब कोई वस्तु कंपन करती है तो वह आसपास की वायु कणों को भी कंपनित करती है जिससे दाब तरंगें उत्पन्न होती हैं। यही दाब तरंगें हमारे कानों तक पहुँचती हैं और हमें ध्वनि का अनुभव होता …

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