यूरेनियम के नाभिकीय विघटन में अन्ततः क्या प्राप्त होता है?

यूरेनियम के नाभिकीय विघटन में अन्ततः क्या प्राप्त होता है?
यूरेनियम के नाभिकीय विघटन में अन्ततः सीसा प्राप्त होता है। आधुनिक भौतिक विज्ञान का एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण अध्याय नाभिकीय भौतिकी है जिसमें परमाणु के नाभिक की संरचना, स्थिरता तथा उसके परिवर्तनशील व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। इसी क्षेत्र में रेडियोधर्मिता (Radioactivity) का सिद्धांत आता है जिसके अनुसार कुछ भारी तत्व स्वाभाविक रूप से अस्थिर होते हैं और समय के साथ-साथ अपने नाभिक का विघटन करते रहते हैं। यूरेनियम (Uranium) ऐसा ही एक भारी, रेडियोधर्मी तत्व है। यह पृथ्वी पर प्राकृतिक रूप से पाया जाता है और अपने दीर्घकालिक नाभिकीय विघटन की प्रक्रिया में अनेक मध्यवर्ती तत्वों से होकर गुजरता है। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया का अंतिम और स्थिर उत्पाद सीसा (Lead) होता है। यूरेनियम : परिचय यूरेनियम एक भारी धातु है जिसका परमाणु क्रमांक 92 है। यह आवर्त सारणी में एक्टिनाइड श्रेणी का सदस्य है। प्रमुख विशेषताएँ परमाणु क्रमांक : 92 परमाणु द्रव्यमान : लगभग 238 प्रकृति : रेडियोधर्मी रंग : सिल्वर-ग्रे प्रमुख समस्थानिक : यूरेनियम-238 यूरेनियम-235 यूरेनियम-234 इनमें से यूरेनियम-238 सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है और यही वह स…

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