डी. एन. ए. संश्लेषण का प्रतिपादन किसने किया था?
डी. एन. ए. संश्लेषण का प्रतिपादन आर्थर कोर्नबर्ग (Arthur Kornberg) ने किया था। आधुनिक जीवविज्ञान की सबसे महान खोजों में से एक डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल (DNA) का अध्ययन है। DNA न केवल आनुवंशिक सूचनाओं का भंडार है बल्कि यह कोशिका विभाजन, विकास, वंशानुक्रम और जैविक नियंत्रण का मूल आधार भी है। DNA से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में DNA संश्लेषण (DNA Synthesis) का विशेष स्थान है। यह वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से DNA की प्रतिलिपि बनती है और आनुवंशिक जानकारी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित होती है। DNA संश्लेषण की वैज्ञानिक व्याख्या और प्रयोगात्मक प्रमाण प्रस्तुत करने का श्रेय महान जैवरसायनशास्त्री Arthur Kornberg को जाता है। उन्होंने यह सिद्ध किया कि DNA का संश्लेषण एक नियंत्रित एंजाइमिक प्रक्रिया है। DNA क्या है? DNA एक लंबा बहुलक (Polymer) है जो न्यूक्लियोटाइड्स से मिलकर बना होता है। प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड के तीन मुख्य घटक होते हैं: नाइट्रोजनी क्षार (A, T, G, C) डीऑक्सीराइबोज शर्करा फॉस्फेट समूह DNA की संरचना डबल हेलिक्स होती है जिसमें दो पूरक शृंखलाएँ (Complementary Strands) ह…