भारत सरकार का महिला एवं बाल विकास मंत्रालय देश के प्रतिभाशाली और प्रेरणादायक बच्चों को सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (Prime Minister's National Child Award - PMRBP) 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित कर रहा है। यह पुरस्कार उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने कम उम्र में ही अपने साहस, प्रतिभा, नवाचार, सामाजिक योगदान या अन्य क्षेत्रों में ऐसा उत्कृष्ट कार्य किया हो जिससे समाज और राष्ट्र को प्रेरणा मिली हो। यदि आपके आसपास कोई ऐसा बालक या बालिका है जिसने असाधारण उपलब्धि हासिल की है, तो उसके लिए यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने का सुनहरा अवसर है। A golden opportunity for talented children! Nominations invited for the Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar 2026.
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) भारत का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है जो देश के बच्चों के असाधारण साहस, धैर्य, सृजनात्मकता, दृढ़ संकल्प तथा अदम्य आत्मबल को सम्मानित करने के लिए प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार का उद्देश्य केवल प्रतिभा का सम्मान करना ही नहीं, बल्कि ऐसे बच्चों की प्रेरणादायक उपलब्धियों को पूरे देश के सामने प्रस्तुत करना भी है ताकि अन्य बच्चे भी उनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन में उत्कृष्ट कार्य कर सकें।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी। इसके माध्यम से भारत सरकार ने बच्चों की असाधारण उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने की एक नई परंपरा स्थापित की। इसके बाद से प्रत्येक वर्ष देशभर से हजारों नामांकन प्राप्त होते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों का चयन किया जाता है।
यह पुरस्कार प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को मनाए जाने वाले वीर बाल दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाता है। इस समारोह में भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित बच्चों को आमंत्रित किया जाता है तथा भारत के राष्ट्रपति उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें सम्मानित करते हैं। यह सम्मान बच्चों के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार निम्नलिखित छह प्रमुख श्रेणियों में प्रदान किया जाता है ताकि विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बच्चों को समान अवसर मिल सके।
1. वीरता (Bravery):
- ऐसे बच्चों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अद्भुत साहस, बहादुरी और सूझबूझ का परिचय देकर किसी व्यक्ति या समाज की रक्षा की हो।
2. समाज सेवा (Social Service):
- इस श्रेणी में उन बच्चों को सम्मान दिया जाता है जिन्होंने समाज के कमजोर वर्गों, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता या अन्य सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।
3. पर्यावरण (Environment):
- पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान तथा प्रकृति के संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बच्चों को इस श्रेणी में सम्मानित किया जाता है।
4. खेल (Sports):
- राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को इस श्रेणी के अंतर्गत सम्मान प्रदान किया जाता है।
5. कला एवं संस्कृति (Art & Culture):
- संगीत, नृत्य, चित्रकला, रंगमंच, लोककला, साहित्य या सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में विशेष योगदान देने वाले बच्चों को इस श्रेणी में सम्मानित किया जाता है।
6. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science & Technology):
- विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार, रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तकनीकी आविष्कार या अन्य वैज्ञानिक उपलब्धियों के लिए प्रतिभाशाली बच्चों को इस श्रेणी में राष्ट्रीय सम्मान दिया जाता है।
यह पुरस्कार विशेष रूप से 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए निर्धारित किया गया है। इस आयु वर्ग के वे सभी बच्चे जिन्होंने किसी भी क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल की है, इस पुरस्कार के लिए पात्र माने जाते हैं। आयु की यह सीमा सुनिश्चित करती है कि बाल प्रतिभाओं को समय रहते राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और प्रोत्साहन मिल सके।
इस पुरस्कार की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि किसी भी पात्र बालक या बालिका का नामांकन कोई भी भारतीय नागरिक, विद्यालय, संस्था अथवा संगठन कर सकता है। यदि किसी बच्चे ने प्रेरणादायक कार्य किया है, तो उसके शिक्षक, अभिभावक, सामाजिक संस्था या कोई भी जिम्मेदार नागरिक उसका नामांकन भेज सकता है।
इसके अतिरिक्त, बच्चे स्वयं भी स्व-नामांकन (Self Nomination) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इससे उन प्रतिभाशाली बच्चों को भी अवसर मिलता है जिनके पास किसी संस्था या संगठन की अनुशंसा उपलब्ध नहीं है। यह व्यवस्था अधिक पारदर्शी और समावेशी प्रक्रिया को सुनिश्चित करती है।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रत्येक बच्चे को एक पदक, एक प्रमाण-पत्र तथा एक प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है। यह सम्मान केवल पुरस्कार तक सीमित नहीं रहता बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने, उनके भविष्य को नई दिशा देने तथा समाज में उनकी पहचान स्थापित करने का माध्यम भी बनता है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश के उन बच्चों को सम्मानित करने की एक अनूठी पहल है जो अपनी प्रतिभा, साहस, सेवा भावना, नवाचार और समर्पण से भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। यह पुरस्कार न केवल बच्चों की उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान देता है, बल्कि पूरे समाज को यह संदेश भी देता है कि प्रतिभा और परिश्रम की कोई आयु नहीं होती। यदि आपके आसपास कोई ऐसा बालक या बालिका है जिसने किसी क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि प्राप्त की है, तो उसे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए नामांकित करना एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व हो सकता है।
