लोकतांत्रिक (democratic) और धर्मनिरपेक्ष (secular) देश

लोकतांत्रिक (democratic) और धर्मनिरपेक्ष (secular) देश
लोकतांत्रिक (Democratic) और धर्मनिरपेक्ष (Secular) देश आधुनिक विश्व की ऐसी राजनीतिक व्यवस्था का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसमें जनता सर्वोच्च मानी जाती है और प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्राप्त होते हैं। लोकतंत्र का अर्थ है "जनता का शासन, जनता के द्वारा और जनता के लिए शासन।" इस व्यवस्था में देश की सरकार जनता द्वारा चुनी जाती है और सरकार संविधान के अनुसार कार्य करती है। दूसरी ओर, धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है कि राज्य किसी एक धर्म को अपना आधिकारिक धर्म नहीं मानता बल्कि सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान और समान व्यवहार की नीति अपनाता है। लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता दोनों ही आधुनिक संवैधानिक शासन व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। जब किसी देश में लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता दोनों एक साथ कार्य करते हैं तब वहाँ नागरिकों की स्वतंत्रता, समानता, न्याय और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा मिलता है। लोकतंत्र की अवधारणा प्राचीन यूनान (ग्रीस) से प्रारंभ हुई मानी जाती है। "Democracy" शब्द यूनानी भाषा के दो शब्दों "Demos" (जनता) और "Kratos" (शक्ति या शासन) से मिलकर बना है जिसका…

Post a Comment