साँची का स्तूप किस वंश के काल में बनवाया गया?
A. गुप्त वंश
B. मौर्य वंश
C. कुषाण वंश
D. सातवाहन वंश
उत्तर: B. मौर्य वंश
साँची का स्तूप भारत की प्राचीन बौद्ध धरोहरों में सबसे महत्वपूर्ण स्मारकों में से एक है। इसका निर्माण मौर्य वंश के महान सम्राट अशोक के शासनकाल में तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व (लगभग 268–232 ईसा पूर्व) में कराया गया था। इसलिए इस प्रश्न का सही उत्तर मौर्य वंश है। सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद बौद्ध धर्म को अपनाया और उसके प्रचार-प्रसार के लिए पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में अनेक स्तूप, विहार तथा स्तंभों का निर्माण कराया। साँची का महान स्तूप (Great Stupa) उन्हीं निर्माण कार्यों में सबसे प्रसिद्ध माना जाता है।
साँची मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है और यह भोपाल से लगभग 46 किलोमीटर की दूरी पर है। यह स्थान भगवान बुद्ध के जीवन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा नहीं था, फिर भी सम्राट अशोक ने इसे बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया। माना जाता है कि अशोक की पत्नी देवी, जो विदिशा क्षेत्र से थीं, के कारण भी साँची का विशेष महत्व रहा।
प्रारंभ में साँची स्तूप ईंटों से निर्मित एक अपेक्षाकृत छोटा अर्धगोलाकार ढाँचा था। बाद में शुंग वंश के शासकों ने इसका विस्तार कराया और इसे पत्थरों से आवृत किया। इसके चारों ओर प्रदक्षिणा पथ, वेदिका तथा अन्य संरचनाएँ जोड़ी गईं। आगे चलकर सातवाहन काल में स्तूप के चारों दिशाओं में अत्यंत सुंदर एवं कलात्मक तोरण द्वार (Toranas) बनाए गए। इन द्वारों पर भगवान बुद्ध के जीवन, जातक कथाओं तथा बौद्ध धर्म से संबंधित घटनाओं का उत्कृष्ट शिल्पांकन किया गया है। यही कारण है कि वर्तमान स्वरूप केवल मौर्य काल का नहीं, बल्कि शुंग और सातवाहन काल की कला का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।
साँची स्तूप की सबसे बड़ी विशेषता इसका विशाल अर्धगोलाकार गुंबद (Anda) है, जिसके भीतर बुद्ध के अवशेषों से संबंधित पवित्र धरोहरों को सुरक्षित रखा गया था। स्तूप के शीर्ष पर स्थित हर्मिका (Harmika) और उसके ऊपर बना त्रि-छत्र (Triple Chatra) बौद्ध धर्म के उच्च आध्यात्मिक आदर्शों का प्रतीक माने जाते हैं। स्तूप के चारों ओर बना प्रदक्षिणा मार्ग श्रद्धालुओं द्वारा परिक्रमा करने के लिए बनाया गया था।
वर्ष 1989 में यूनेस्को (UNESCO) ने साँची के बौद्ध स्मारकों को विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) घोषित किया। आज यह भारत ही नहीं, बल्कि विश्वभर के बौद्ध श्रद्धालुओं, इतिहासकारों और पर्यटकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्यटन एवं अध्ययन केंद्र है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य:
- साँची स्तूप का निर्माण सम्राट अशोक ने कराया था।
- इसका निर्माण मौर्य वंश के शासनकाल में हुआ।
- यह मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है।
- साँची भोपाल से लगभग 46 किमी दूर है।
- प्रारंभिक स्तूप ईंटों का था, बाद में शुंग काल में इसका विस्तार हुआ।
- चार भव्य तोरण द्वार सातवाहन काल में निर्मित हुए।
- यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (1989) है।
- साँची भारत के सबसे सुरक्षित एवं संरक्षित बौद्ध स्मारकों में से एक है।
- सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए भारत और विदेशों में अनेक स्तूपों का निर्माण कराया था।
