छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा कदम: DWEEPTI योजना से महिलाओं को मिलेगा ऊर्जा क्षेत्र में नया अवसर

Sanjay Yadav
भारत में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने DWEEPTI योजना (Decentralised Women Empowerment on Energy and Policy for Transformative Inclusion) की शुरुआत की है। यह योजना महिलाओं को नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका प्रदान करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। यह पहल महिला सशक्तिकरण, हरित ऊर्जा और ग्रामीण विकास को एक साथ जोड़ने वाला देश का अनूठा मॉडल मानी जा रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा कदम DWEEPTI योजना से महिलाओं को मिलेगा ऊर्जा क्षेत्र में नया अवसर

क्या है DWEEPTI योजना?

DWEEPTI योजना भारत की पहली राज्य-स्तरीय नीति (State-Level Policy) है जो महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups - SHGs) को औपचारिक रूप से डिस्ट्रिब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी (Distributed Renewable Energy - DRE) की पूरी वैल्यू चेन का हिस्सा बनाती है।

अब तक नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में महिलाओं की भूमिका सीमित थी, लेकिन इस योजना के माध्यम से उन्हें केवल लाभार्थी नहीं बल्कि ऊर्जा उद्यमी, तकनीशियन और सेवा प्रदाता के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

योजना किसके सहयोग से शुरू की गई?

DWEEPTI योजना छत्तीसगढ़ सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा ग्रीन इकोनॉमी ट्रांज़िशन मिशन (Green Economy Transition Mission) के अंतर्गत कार्यरत ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (Transform Rural India) के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई है।

यह साझेदारी ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और हरित ऊर्जा को एकीकृत करते हुए राज्य में सतत विकास (Sustainable Development) को बढ़ावा देने का प्रयास करती है।

योजना के प्रमुख उद्देश्य

DWEEPTI योजना का उद्देश्य केवल स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार करना नहीं है, बल्कि महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में उद्यमी और रोजगार सृजक के रूप में स्थापित करना भी है।

योजना के तहत अगले पाँच वर्षों में निम्नलिखित लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:
  • महिलाओं के नेतृत्व में 5,000 नवीकरणीय ऊर्जा उद्यम (Renewable Energy Enterprises) स्थापित करना।
  • लगभग 50,000 नए रोजगार सृजित करना।
  • राज्य के 5 लाख परिवारों तक स्वच्छ और विकेंद्रीकृत ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करना।
  • 10,000 सार्वजनिक संस्थानों जैसे स्कूल, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सरकारी संस्थानों को नवीकरणीय ऊर्जा से जोड़ना।
ये लक्ष्य छत्तीसगढ़ को हरित ऊर्जा आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

महिलाओं को कैसे मिलेगा लाभ?

इस योजना के तहत महिलाओं को नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े विभिन्न तकनीकी कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें विशेष रूप से:
  • रूफटॉप सोलर पावर सिस्टम की स्थापना,
  • सौर ऊर्जा संयंत्रों का संचालन (Operation),
  • रखरखाव (Maintenance),
  • तकनीकी समस्याओं का समाधान,
  • तथा स्थानीय समुदायों के साथ ऊर्जा संबंधी जागरूकता और संवाद स्थापित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इससे महिलाएं केवल तकनीकी रूप से दक्ष ही नहीं बनेंगी, बल्कि ऊर्जा सेवाओं के माध्यम से अपनी आय भी बढ़ा सकेंगी।

कौन हैं "सोलर दीदियां"?

DWEEPTI योजना की सबसे विशेष पहल "सोलर दीदियां" हैं।

योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित महिलाओं का एक विशेष समूह तैयार किया जाएगा जिन्हें "सोलर दीदी" कहा जाएगा। ये महिलाएं गांवों और कस्बों में विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना, संचालन और रखरखाव का कार्य करेंगी।

सोलर दीदियां स्थानीय स्तर पर लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी, तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएंगी और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

योजना का महत्व

DWEEPTI योजना कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है।

महिला सशक्तिकरण: यह योजना महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि ऊर्जा क्षेत्र की उद्यमी और तकनीकी विशेषज्ञ बनने का अवसर प्रदान करती है।

हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार से जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

ग्रामीण विकास: गांवों में ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ने से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और छोटे उद्योगों को नई गति मिलेगी।

रोजगार सृजन: 50,000 रोजगार और 5,000 ऊर्जा उद्यम राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक होंगे।

ऊर्जा तक सार्वभौमिक पहुंच: लाखों परिवारों और हजारों सार्वजनिक संस्थानों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचने से ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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