थेय्यम, एक धार्मिक कला रूप कहाँ का है?
थेय्यम (Theyyam), एक धार्मिक कला रूप कहाँ का है? A. तमिलनाडु B. कर्नाटक C. केरल D. आंध्र प्रदेश उत्तर: C. केरल थेय्यम (Theyyam) केरल की सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक लोक-कलाओं में से एक है। यह मुख्य रूप से उत्तरी केरल के कन्नूर (Kannur), कासरगोड (Kasaragod), वायनाड (Wayanad) और कोझिकोड (Kozhikode) जिलों में प्रचलित है। 'थेय्यम' शब्द की उत्पत्ति मलयालम भाषा के शब्द "दैवम् (Daivam)" से मानी जाती है, जिसका अर्थ है "देवता"। इस कला में कलाकार विशेष वेशभूषा, भव्य मुकुट, आकर्षक मुख-सज्जा (Face Painting) और पारंपरिक आभूषण धारण करके किसी देवी-देवता, वीर पुरुष या लोक देवता का रूप धारण करते हैं। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि प्रस्तुति के दौरान कलाकार में देवता का वास हो जाता है और वह श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करता है। थेय्यम केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि नृत्य, संगीत, अभिनय, धार्मिक अनुष्ठान और लोक-आस्था का अद्भुत संगम है। इसकी प्रस्तुति प्रायः मंदिरों, कावु (पवित्र उपवन) तथा स्थानीय देवस्थानों में होती है। कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों जैसे चेंडा (Chenda), इलाथलम (Elath…