दिल्ली के लाल किले के अन्दर मोती मस्जिद का निर्माण किसने कराया था?
A. अकबर
B. शाहजहाँ
C. औरंगज़ेब
D. बहादुर शाह ज़फ़र
उत्तर: C. औरंगज़ेब
दिल्ली का लाल किला भारत के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है। यह मुगल वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है और भारत की सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लाल बलुआ पत्थर से निर्मित यह किला मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा 17वीं शताब्दी में बनवाया गया था जब उन्होंने अपनी राजधानी आगरा से दिल्ली स्थानांतरित की। आज भी प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को भारत के प्रधानमंत्री इसी किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश को संबोधित करते हैं। National GK की दृष्टि से लाल किला और इससे जुड़े प्रश्न लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
लाल किले के भीतर स्थित मोती मस्जिद का निर्माण मुगल सम्राट औरंगज़ेब ने कराया था। यही इस प्रश्न का सही उत्तर है। औरंगज़ेब ने इस मस्जिद का निर्माण वर्ष 1659–1660 ई. के आसपास अपने निजी उपयोग और शाही परिवार की इबादत के लिए करवाया था। यह मस्जिद सार्वजनिक नमाज़ के लिए नहीं बनाई गई थी बल्कि शाही परिवार के धार्मिक कार्यों के लिए विशेष रूप से निर्मित की गई थी। अपने सफेद संगमरमर के कारण इसे "मोती मस्जिद" कहा जाता है, क्योंकि इसकी चमक मोती जैसी दिखाई देती है।
मोती मस्जिद आकार में अपेक्षाकृत छोटी है, लेकिन इसकी वास्तुकला अत्यंत आकर्षक और सुंदर है। इसका निर्माण पूर्णतः सफेद संगमरमर से किया गया है, जो इसे लाल किले की लाल बलुआ पत्थर की इमारतों के बीच अलग पहचान देता है। मस्जिद में तीन सुंदर गुंबद, नक्काशीदार मेहराबें और अत्यंत संतुलित मुगल स्थापत्य शैली देखने को मिलती है। इसकी सादगी और सुंदरता इसे मुगल काल की श्रेष्ठ धार्मिक इमारतों में स्थान दिलाती है।
औरंगज़ेब का शासनकाल मुगल साम्राज्य का सबसे विस्तृत काल माना जाता है। उन्होंने अपने शासन में कई धार्मिक इमारतों का निर्माण कराया, जिनमें दिल्ली के लाल किले की मोती मस्जिद भी प्रमुख है। हालांकि औरंगज़ेब अपने पूर्ववर्ती सम्राट शाहजहाँ की तुलना में अधिक सादगीपूर्ण जीवन के लिए जाने जाते थे फिर भी उन्होंने धार्मिक महत्व की कई इमारतों का निर्माण करवाया।
प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर यह भ्रम उत्पन्न किया जाता है कि मोती मस्जिद का निर्माण शाहजहाँ ने कराया होगा, क्योंकि लाल किले का निर्माण उसी ने करवाया था। लेकिन यह तथ्य याद रखना आवश्यक है कि लाल किले का निर्माण शाहजहाँ ने कराया जबकि उसके भीतर स्थित मोती मस्जिद का निर्माण औरंगज़ेब ने कराया था। यही अंतर अक्सर SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS, NDA, CDS और अन्य सरकारी परीक्षाओं में पूछा जाता है। National GK की तैयारी करते समय इस तथ्य को विशेष रूप से याद रखना चाहिए।
अकबर, शाहजहाँ और बहादुर शाह ज़फ़र भी मुगल शासक थे, लेकिन इस प्रश्न के संदर्भ में उनका उत्तर सही नहीं है। अकबर ने फतेहपुर सीकरी, आगरा किला और अन्य अनेक महत्वपूर्ण भवनों का निर्माण कराया। शाहजहाँ ने ताजमहल, लाल किला, जामा मस्जिद और शाहजहानाबाद का निर्माण करवाया। बहादुर शाह ज़फ़र मुगल साम्राज्य के अंतिम सम्राट थे और उन्होंने कोई प्रमुख स्थापत्य निर्माण नहीं कराया। इसलिए मोती मस्जिद के निर्माण का श्रेय केवल औरंगज़ेब को दिया जाता है।
मोती मस्जिद केवल दिल्ली के लाल किले में ही नहीं, बल्कि भारत के अन्य स्थानों पर भी इसी नाम की मस्जिदें हैं। उदाहरण के लिए, आगरा किले में स्थित मोती मस्जिद का निर्माण शाहजहाँ ने करवाया था। यही कारण है कि परीक्षाओं में यह पूछा जाता है कि दिल्ली के लाल किले के अंदर स्थित मोती मस्जिद किसने बनवाई। यदि प्रश्न में "लाल किला, दिल्ली" का उल्लेख हो तो उत्तर हमेशा औरंगज़ेब होगा।
लाल किला वर्ष 2007 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। यह भारत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत का प्रतीक है। लाल किले के भीतर दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, रंग महल, खास महल, हमाम और मोती मस्जिद जैसी कई महत्वपूर्ण इमारतें स्थित हैं जिनका अपना अलग ऐतिहासिक महत्व है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से यह तथ्य भी महत्वपूर्ण है कि लाल किले का निर्माण शाहजहाँ ने 1638 ई. में प्रारंभ कराया और 1648 ई. में पूरा हुआ जबकि मोती मस्जिद का निर्माण बाद में औरंगज़ेब के शासनकाल में कराया गया। इसलिए यदि प्रश्न में लाल किले के निर्माणकर्ता और मोती मस्जिद के निर्माणकर्ता अलग-अलग पूछे जाएँ, तो दोनों के उत्तर भी अलग होंगे।
ऐसे ऐतिहासिक तथ्यों का नियमित अध्ययन सामान्य ज्ञान को मजबूत बनाता है और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की संभावना बढ़ाता है। National GK के अंतर्गत भारतीय इतिहास, मुगल स्थापत्य, स्मारक, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक इमारतों से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है। यदि आप इन तथ्यों को एक-दूसरे से जोड़कर याद रखते हैं, तो परीक्षा में इस प्रकार के प्रश्नों का उत्तर आसानी से दे सकते हैं।
