दो समान्तर दर्पणों के बीच रखी वस्तु के कितने प्रतिबिंब बनते हैं?
दो समान्तर दर्पणों के बीच रखी वस्तु के कितने प्रतिबिंब बनते हैं?
दो समान्तर दर्पणों के बीच रखी वस्तु के अनन्त (Infinite) प्रतिबिंब बनते हैं। भौतिकी में प्रकाश के परावर्तन (Reflection of Light) का अध्ययन हमें दर्पणों के अद्भुत व्यवहार से परिचित कराता है। आपने नाई की दुकान, सजावटी हॉल, या किसी विज्ञान प्रयोगशाला में यह दृश्य अवश्य देखा होगा कि जब दो समतल दर्पण (Plane Mirrors) एक-दूसरे के समान्तर (Parallel) रखे जाते हैं और उनके बीच कोई वस्तु रख दी जाती है तो उस वस्तु के असंख्य सैद्धान्तिक रूप से अनन्त प्रतिबिंब दिखाई देते हैं। यह घटना केवल रोचक नहीं बल्कि प्रकाश के नियमों, ज्यामिति और परावर्तन की श्रृंखला (Multiple Reflection) का उत्कृष्ट उदाहरण है। समतल दर्पण और प्रकाश का परावर्तन समतल दर्पण वह दर्पण होता है जिसकी परावर्तक सतह समतल (Flat) होती है। समतल दर्पण में बनने वाला प्रतिबिंब सामान्यतः आभासी (Virtual) होता है, सीधा (Erect) होता है, वस्तु के समान आकार का होता है, दूरी में समान (वस्तु जितनी दूर सामने, प्रतिबिंब उतनी ही दूरी पीछे) होता है। परावर्तन का मूल नियम कहता है: आपतन कोण = परावर्तन कोण आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलम्ब एक ही तल में होते हैं। जब य…