मोहिनीअट्टम नृत्य महिलाओं द्वारा किसके सम्मान में किया जाता है?
मोहिनीअट्टम नृत्य महिलाओं द्वारा किसके सम्मान में किया जाता है?
मोहिनीअट्टम नृत्य महिलाओं द्वारा भगवान विष्णु के सम्मान में किया जाता है। भारत की शास्त्रीय नृत्य परंपरा विश्व की सबसे प्राचीन, समृद्ध और दार्शनिक परंपराओं में से एक मानी जाती है। इस परंपरा में प्रत्येक नृत्य शैली केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है बल्कि वह धर्म, दर्शन, भक्ति, सौंदर्य और आध्यात्मिक चेतना का सजीव रूप होती है। इन्हीं शास्त्रीय नृत्यों में मोहिनीअट्टम का विशेष स्थान है। यह नृत्य मुख्य रूप से केरल राज्य से संबंधित है और पारंपरिक रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है। मोहिनीअट्टम का संबंध सीधे भगवान विष्णु के उस स्त्री अवतार मोहिनी से है जो सौंदर्य, करुणा, मृदुता और दिव्यता का प्रतीक मानी जाती हैं। इस नृत्य का उद्देश्य केवल शारीरिक गतियों का प्रदर्शन नहीं बल्कि भगवान विष्णु के प्रति श्रद्धा, भक्ति और सम्मान प्रकट करना है। यही कारण है कि मोहिनीअट्टम को एक भक्ति-प्रधान और लास्य प्रधान नृत्य शैली माना जाता है। मोहिनीअट्टम का अर्थ और नामकरण “मोहिनीअट्टम” दो शब्दों से मिलकर बना है: मोहिनी : भगवान विष्णु का स्त्री रूप जो अद्भुत सौंदर्य और आकर्षण का प्रतीक है अट्टम : मलयालम भाषा में नृत्य या…