पेंसिल का लेड क्या होता है?
पेंसिल का लेड ग्रेफाइट होता है। हम सभी ने अपने जीवन में कभी न कभी पेंसिल से अवश्य लिखा है। बचपन की पहली लिखावट से लेकर बड़े-बड़े वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और कलाकारों तक पेंसिल मानव सभ्यता के बौद्धिक विकास की एक सरल किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण साधन रही है। परंतु एक सामान्य-सी दिखने वाली पेंसिल के बारे में एक आम भ्रांति बहुत समय से प्रचलित है कि पेंसिल के अंदर जो पदार्थ होता है वह लेड (सीसा) है। वास्तविकता यह है कि पेंसिल में लेड नहीं बल्कि ग्रेफाइट (Graphite) होता है जो कार्बन का ही एक विशेष रूप है। पेंसिल का परिचय पेंसिल एक ऐसा लेखन उपकरण है जिसमें लकड़ी या किसी अन्य आवरण के भीतर एक पतली छड़ (कोर) होती है। यह कोर काग़ज़ पर घर्षण के कारण निशान बनाती है जिससे हम अक्षर या चित्र बनाते हैं। पेंसिल का मुख्य भाग जिसे आम भाषा में “लेड” कहा जाता है असल में ग्रेफाइट और मिट्टी (क्ले) का मिश्रण होता है। इसी मिश्रण के अनुपात के आधार पर पेंसिल की कठोरता या कोमलता निर्धारित की जाती है। “लेड” शब्द की भ्रांति कैसे पैदा हुई? 16वीं शताब्दी में जब पहली बार इंग्लैंड के कंबरलैंड क्षेत्र में ग्रेफाइट की बड़ी मात्रा ख…