AB रक्त समूह वाला व्यक्ति किस रक्त समूह के व्यक्ति से रक्त ग्रहण कर सकता है?

AB रक्त समूह वाला व्यक्ति किस रक्त समूह के व्यक्ति से रक्त ग्रहण कर सकता है?
AB रक्त समूह वाला व्यक्ति A, B, AB तथा O रक्त समूह के व्यक्ति से रक्त ग्रहण कर सकता है। मानव शरीर में रक्त जीवन का आधार है। रक्त न केवल ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुँचाता है बल्कि रोगों से लड़ने, हार्मोन के संचार और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब किसी व्यक्ति को दुर्घटना, सर्जरी, प्रसव या किसी गंभीर बीमारी के कारण अत्यधिक रक्तस्राव हो जाता ह तब रक्त आधान (Blood Transfusion) उसकी जान बचाने का एकमात्र साधन बन जाता है। रक्त आधान की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण तत्व है रक्त समूह (Blood Group) की संगतता। यदि असंगत रक्त चढ़ा दिया जाए तो यह घातक सिद्ध हो सकता है। इसी संदर्भ में AB रक्त समूह को विशेष महत्व प्राप्त है क्योंकि AB रक्त समूह वाला व्यक्ति A, B, AB तथा O चारों रक्त समूहों से रक्त ग्रहण कर सकता है। इसीलिए AB रक्त समूह वाले व्यक्ति को “सार्वभौमिक ग्राही” (Universal Recipient) कहा जाता है। इस पोस्ट में हम रक्त समूहों की खोज, ABO प्रणाली, Rh कारक, एंटीजन-एंटीबॉडी की भूमिका, AB रक्त समूह की विशेषता, चिकित्सा में इसका महत्व…

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