भांगड़ा, लुड्डी, गिद्दा कहाँ के लोक नृत्य हैं?
भांगड़ा, लुड्डी, गिद्दा पंजाब के लोक नृत्य हैं। भारत विविधताओं का देश है जहाँ प्रत्येक राज्य की अपनी अलग सांस्कृतिक पहचान, परंपराएँ, रीति-रिवाज, पहनावा, भाषा और लोक कलाएँ हैं। इन लोक कलाओं में लोक नृत्य का विशेष स्थान है क्योंकि वे किसी क्षेत्र के जन-जीवन, उत्सवों, भावनाओं, संघर्षों और आनंद की सजीव अभिव्यक्ति होते हैं। पंजाब की धरती जो अपनी उर्वरता, वीरता, उल्लास और संगीतात्मकता के लिए प्रसिद्ध है, लोक नृत्यों की दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध है। भांगड़ा, लुड्डी और गिद्दा ये तीनों नृत्य पंजाब की लोक संस्कृति के प्रमुख स्तंभ हैं। ये नृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं बल्कि कृषि जीवन, सामाजिक उत्सवों, ऐतिहासिक चेतना और सामूहिक आनंद के प्रतीक भी हैं। इन नृत्यों के माध्यम से पंजाब का किसान, योद्धा और नारी तीनों अपने जीवन के रंगों को अभिव्यक्त करते हैं। पंजाब की लोक संस्कृति की पृष्ठभूमि पंजाब शब्द की उत्पत्ति फ़ारसी भाषा के दो शब्दों से मानी जाती है: ‘पंज’ (पाँच) और ‘आब’ (जल) अर्थात् पाँच नदियों की भूमि।। ये नदियाँ सतलुज, ब्यास, रावी, चिनाब और झेलम पंजाब की कृषि और संस्कृति की जीवनरेखा रही हैं।…