चेराव लोक नृत्य किस राज्य से सम्बंधित है?
चेराव लोक नृत्य मिजोरम से सम्बंधित है। भारत विविधताओं का देश है जहाँ प्रत्येक राज्य की अपनी विशिष्ट संस्कृति, परंपराएँ, वेशभूषा, भाषा और लोक-कलाएँ हैं। पूर्वोत्तर भारत के सुंदर पर्वतीय राज्य मिजोरम की सांस्कृतिक पहचान उसके लोकनृत्यों में झलकती है। इन्हीं लोकनृत्यों में सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय नृत्य है चेराव लोक नृत्य जिसे प्रायः “ बाँस नृत्य ” (Bamboo Dance) भी कहा जाता है। चेराव नृत्य केवल एक मनोरंजन का साधन नहीं है बल्कि यह मिजो समाज की सामूहिकता, परंपरा, प्रकृति-प्रेम और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। इस नृत्य में बाँस की लंबी छड़ों के बीच तालबद्ध ढंग से नृत्य करना अत्यंत कौशल, संतुलन और सामूहिक समन्वय की माँग करता है। चेराव नृत्य का अर्थ और नामकरण “चेराव” शब्द मिजो भाषा से आया है। यह नृत्य बाँस की छड़ों (बांस के डंडों) के साथ किया जाता है इसलिए इसे बाँस नृत्य भी कहा जाता है। इस नृत्य में प्रायः चार से छह पुरुष भूमि पर रखी बाँस की छड़ों को लयबद्ध ढंग से खोलते-बंद करते हैं जबकि महिलाएँ उनके बीच अत्यंत सावधानी और तालमेल के साथ नृत्य करती हैं। यह नृत्य मिजोरम की पहचान बन चुका है और …