शेलिंग प्रतिशत (Shelling percentage) मूंगफली की गुणवत्ता जानने का एक आधार (Parameter) है। शेलिंग प्रतिशत से क्या ज्ञात किया जाता है?

शेलिंग प्रतिशत (Shelling percentage) मूंगफली की गुणवत्ता जानने का एक आधार (Parameter) है। शेलिंग प्रतिशत से क्या ज्ञात किया जाता है?
शेलिंग प्रतिशत से मूंगफली में दानों का प्रतिशत ज्ञात किया जाता है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में तिलहनी फसलों का विशेष महत्व है। इन तिलहनी फसलों में मूंगफली (Groundnut) का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। मूंगफली न केवल खाद्य तेल का प्रमुख स्रोत है बल्कि यह प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज तत्वों से भरपूर एक पौष्टिक आहार भी है। मूंगफली की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए विभिन्न मानकों (Parameters) का उपयोग किया जाता है जिनमें शेलिंग प्रतिशत (Shelling Percentage) एक अत्यंत महत्वपूर्ण मापदंड है। शेलिंग प्रतिशत से यह ज्ञात किया जाता है कि मूंगफली के कुल भार में से कितने प्रतिशत भाग दानों (Kernels) का है और कितना भाग छिलके (Shell) का है। यह मापदंड किसान, व्यापारी, प्रसंस्करण उद्योग तथा निर्यातकों सभी के लिए उपयोगी होता है। मूंगफली का परिचय मूंगफली एक प्रमुख तिलहनी फसल है जिसे वैज्ञानिक रूप से Arachis hypogaea कहा जाता है। यह मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगाई जाती है। भारत में गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक इसके प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। मूंगफली की खेती ख…

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