असम का सत्त्रिया नृत्य किस आंदोलन से प्रेरित है?

असम का सत्त्रिया नृत्य किस आंदोलन से प्रेरित है?
असम का सत्त्रिया नृत्य भक्ति आंदोलन से प्रेरित है। भारत की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है। यहाँ प्रत्येक क्षेत्र ने अपनी ऐतिहासिक, धार्मिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुसार विशिष्ट कला-परंपराओं को जन्म दिया है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा इसी सांस्कृतिक विविधता का उत्कृष्ट उदाहरण है। भरतनाट्यम, कथक, कथकली, कुचिपुड़ी, ओडिसी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम जैसे नृत्यों की श्रृंखला में सत्त्रिया नृत्य का स्थान विशेष है। यह नृत्य असम की धरती पर विकसित हुआ और इसका मूल आधार भक्ति आंदोलन विशेषतः वैष्णव भक्ति परंपरा है। सत्त्रिया नृत्य केवल एक कलात्मक अभिव्यक्ति नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक साधना, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक चेतना का सजीव रूप है। इसका जन्म मंदिरों या राजदरबारों में नहीं बल्कि सत्त्रों (वैष्णव मठों) में हुआ जहाँ भक्ति, अनुशासन और सामूहिक जीवन का समन्वय दिखाई देता है। यही कारण है कि सत्त्रिया नृत्य की आत्मा में भक्ति, समर्पण और आध्यात्मिक शुद्धता समाहित है। असम की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि असम पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख राज्य है जिसकी संस्कृति में आर्य, मंगोलॉयड, तिब्बती-ब…

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