पहली बार किस अधिनियम के तहत गवर्नर जनरल की कार्यकारी परिषद में विधि निर्माण के उद्देश्य से किसी भारतीय को मनोनीत किया गया?
पहली बार किस अधिनियम के तहत गवर्नर जनरल की कार्यकारी परिषद में विधि निर्माण के उद्देश्य से किसी भारतीय को मनोनीत किया गया?
पहली बार भारतीय काउंसिल अधिनियम 1861 के तहत गवर्नर जनरल की कार्यकारी परिषद में विधि निर्माण के उद्देश्य से किसी भारतीय को मनोनीत किया गया। भारतीय संवैधानिक इतिहास में 19वीं शताब्दी का उत्तरार्ध एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जाता है। इसी कालखंड में ब्रिटिश शासन ने प्रशासनिक ढांचे में कुछ ऐसे परिवर्तन किए जिनका उद्देश्य भारतीयों को सीमित रूप से शासन में सम्मिलित करना था। भारतीय परिषद अधिनियम 1861 के तहत, पहली बार 1862 में वायसराय लॉर्ड कैनिंग ने अपनी विस्तारित विधान परिषद में तीन भारतीयों को मनोनीत किया था। इनमें बनारस के राजा देवनारायण सिंह, पटियाला के महाराजा नरेंद्र सिंह और सर दिनकर राव शामिल थे। यह पहली बार था जब भारतीयों को विधायी मामलों में शामिल किया गया था हालांकि उनकी भूमिका केवल सलाहकार की थी। यह घटना केवल एक प्रशासनिक सुधार नहीं थी बल्कि भारतीय राजनीतिक चेतना के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी थी। यह नियुक्ति प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण थी क्योंकि इससे यह संदेश गया कि भारतीयों को शासन प्रक्रिया से पूर्णतः बाहर नहीं रखा जाएगा। यद्यपि वास्तविक सत्ता अंग्रेजों के हाथ …