मनुष्य में दाद (Ring worm) रोग के रोगकारक कवक का नाम क्या है?

Sanjay Yadav
मनुष्य में दाद (Ring worm) रोग के रोगकारक कवक का नाम माइक्रोस्पोरम (Microsporum) है। मनुष्य में त्वचा, बाल और नाखूनों को प्रभावित करने वाले संक्रामक रोगों में दाद (Ringworm) का विशेष स्थान है। नाम से यह रोग किसी कीड़े (worm) से संबंधित प्रतीत होता है किंतु वास्तविकता में यह कवक (Fungus) द्वारा होने वाला संक्रमण है। दाद को चिकित्सा विज्ञान में टीनिया (Tinea) भी कहा जाता है। दाद के अनेक प्रकारों के लिए विभिन्न कवक जिम्मेदार होते हैं जिनमें माइक्रोस्पोरम (Microsporum) एक प्रमुख रोगकारक कवक है।

मनुष्य में दाद (Ring worm) रोग के रोगकारक कवक का नाम माइक्रोस्पोरम (Microsporum) है।

दाद (Ringworm) क्या है?

दाद एक फंगल संक्रमण है जो प्रायः त्वचा की ऊपरी परत (एपिडर्मिस), बालों के शाफ्ट और नाखूनों को प्रभावित करता है। यह रोग डर्मेटोफाइट्स (Dermatophytes) नामक कवकों के समूह द्वारा होता है। ये कवक केराटिन (त्वचा, बाल, नाखून का प्रमुख प्रोटीन) पर जीवित रहते हैं और उसी को पोषण के रूप में उपयोग करते हैं।

मुख्य डर्मेटोफाइट्स
  • Microsporum
  • Trichophyton
  • Epidermophyton
इनमें Microsporum विशेषतः त्वचा और बालों के संक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

माइक्रोस्पोरम (Microsporum): परिचय

Microsporum डर्मेटोफाइट कवकों की एक वंश (Genus) है। यह मानव, पशु और मिट्टी तीनों स्रोतों से जुड़ा हो सकता है। इसकी कुछ प्रजातियाँ मनुष्य में अत्यधिक संक्रामक होती हैं।

वर्गीकरण (संक्षेप में)
  • किंगडम: Fungi
  • फाइलम: Ascomycota
  • क्लास: Eurotiomycetes
  • ऑर्डर: Onygenales
  • फैमिली: Arthrodermataceae
  • जीनस: **Microsporum
प्रमुख प्रजातियाँ
  • Microsporum canis – प्रायः पालतू पशुओं (बिल्ली/कुत्ता) से मानव में
  • Microsporum audouinii – बच्चों में सिर के दाद का सामान्य कारण
  • Microsporum gypseum – मिट्टी से संबंधित (Geophilic)

माइक्रोस्पोरम का आवास और संचरण

Microsporum तीन प्रकार के स्रोतों से मानव तक पहुँच सकता है:
  • मानव-से-मानव (Anthropophilic): संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क, कपड़े, तौलिया, कंघी आदि से।
  • पशु-से-मानव (Zoophilic): संक्रमित बिल्ली, कुत्ता, गाय आदि से।
  • मिट्टी-से-मानव (Geophilic): दूषित मिट्टी के संपर्क से।
संक्रमण के सामान्य मार्ग
  • प्रत्यक्ष त्वचा संपर्क
  • दूषित वस्तुओं का उपयोग
  • नमी और पसीने से भरी त्वचा
  • सार्वजनिक स्थान (जिम, स्विमिंग पूल, हॉस्टल)

रोगजनन (Pathogenesis): रोग कैसे विकसित होता है?

Microsporum त्वचा की ऊपरी परत में प्रवेश कर केराटिन को तोड़ने वाले एंजाइम (केराटिनेज) स्रावित करता है। इससे कवक को पोषण मिलता है और वह फैलता जाता है।

क्रमिक प्रक्रिया:
  • संक्रमण का प्रवेश – त्वचा में सूक्ष्म दरारों से
  • कॉलोनाइजेशन – एपिडर्मिस/बालों में वृद्धि
  • प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया – लालिमा, खुजली
  • विशिष्ट घाव – गोलाकार, किनारों पर उभरे, बीच में अपेक्षाकृत साफ

दाद के प्रकार (Microsporum से संबंधित)

Microsporum विभिन्न अंगों को प्रभावित कर सकता है:

टीनिया कैपिटिस (सिर का दाद)
  • बच्चों में अधिक
  • बाल टूटना, गंजे पैच
  • स्कैल्प पर खुजली, रूसी
  • M. audouinii, M. canis प्रमुख कारण
टीनिया कॉर्पोरिस (शरीर का दाद)
  • धड़, हाथ-पैर
  • गोल, लाल, खुजलीदार चकत्ते
  • किनारे उभरे हुए
टीनिया फेशीई (चेहरे का दाद)
  • चेहरे पर दाने, जलन
  • सौंदर्य-सम्बंधी चिंता
नोट: नाखूनों का दाद (टीनिया अनगुइयम) अधिकतर Trichophyton से होता है Microsporum में अपेक्षाकृत कम।

लक्षण (Symptoms)

  • तीव्र खुजली
  • लाल, गोलाकार चकत्ते
  • किनारों पर पपड़ी/स्केलिंग
  • बालों का टूटना या झड़ना (सिर में)
  • कभी-कभी जलन या हल्का दर्द
लक्षणों की तीव्रता व्यक्ति की प्रतिरक्षा, नमी, स्वच्छता और संक्रमण के स्रोत पर निर्भर करती है।

निदान (Diagnosis)

सटीक निदान आवश्यक है ताकि सही उपचार चुना जा सके।

क्लिनिकल परीक्षण
  • विशिष्ट गोलाकार घावों का निरीक्षण
KOH परीक्षण
  • त्वचा/बाल के नमूने में कवकीय हाइफे की पहचान
फंगल कल्चर
  • Sabouraud Dextrose Agar पर उगाकर प्रजाति की पुष्टि
वुड्स लैम्प
  • Microsporum प्रजातियाँ प्रायः पीला-हरा फ्लोरेसेंस दिखाती हैं (विशेषकर बालों में)

उपचार (Treatment)

उपचार संक्रमण के स्थान और गंभीरता पर निर्भर करता है।

स्थानीय (Topical) उपचार
  • क्लोट्रिमाजोल
  • केटोकोनाजोल
  • टर्बिनाफाइन
  • दिन में 1–2 बार, 2–4 सप्ताह
प्रणालीगत (Oral) उपचार
  • सिर का दाद/व्यापक संक्रमण में
  • ग्रिसेओफुलविन
  • टर्बिनाफाइन/इट्राकोनाजोल (डॉक्टर की सलाह से)
महत्वपूर्ण: स्टेरॉयड-मिश्रित क्रीम बिना परामर्श के न लें। यह रोग को बिगाड़ सकती हैं।

रोकथाम (Prevention)

  • त्वचा को सूखा और साफ रखें
  • संक्रमित व्यक्ति/पशु से दूरी
  • तौलिया, कपड़े, कंघी साझा न करें
  • पालतू पशुओं की नियमित जांच
  • जिम/स्विमिंग पूल के बाद स्नान
  • बच्चों में सिर की नियमित सफाई

सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभाव

दाद कोई जानलेवा रोग नहीं है परंतु इसकी संक्रामकता और बार-बार होने की प्रवृत्ति इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती है। स्कूल-कॉलेज, हॉस्टल और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यह तेजी से फैल सकता है। गलत उपचार (विशेषकर स्टेरॉयड) से क्रॉनिक दाद विकसित हो सकता है जो मानसिक तनाव और सामाजिक असहजता का कारण बनता है।

मिथक और तथ्य

मिथक: दाद कीड़े से होता है।
तथ्य: यह कवक से होता है विशेषकर Microsporum जैसी प्रजातियों से।

मिथक: केवल गंदगी से होता है।
तथ्य: स्वच्छ व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है यदि संपर्क हो।

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