किस अभिलेख से पुष्टि हुई कि पुष्यमित्र शुंग ने अश्वमेध यज्ञ किया था?
किस अभिलेख से पुष्टि हुई कि पुष्यमित्र शुंग ने अश्वमेध यज्ञ किया था? अयोध्या अभिलेख से पुष्टि हुई कि पुष्यमित्र शुंग ने अश्वमेध यज्ञ किया था। प्राचीन भारतीय इतिहास की एक मिथकीय-ऐतिहासिक परत है जहाँ राजतंत्र के वैधिक अनुष्ठान (जैसे अश्वमेध, राजसूय) न केवल धार्मिक कर्म थे बल्कि सत्ता की वैधता और राजकीय प्रतिष्ठा दिखाने के उपकरण भी थे। हाल के समय में मिलने वाले कुछ अभिलेखों ने इन अनुष्ठानों के ऐतिहासिक प्रयोगों पर प्रत्यक्ष प्रमाण दिए हैं। उन अभिलेखों में से एक महत्वपूर्ण स्रोत है अयोध्या से प्राप्त वह अभिलेख जिसे सामान्यतः धनदेव का अयोध्या अभिलेख कहा जाता है। यह अभिलेख विशेषकर Pushyamitra Shunga द्वारा अश्वमेध-यज्ञ किए जाने की सूचना देता है और इतिहासकारों के बीच चर्चा का कारण बना हुआ है। अभिलेख का पृष्ठभूमि-परिचय — खोज और स्वरूप अयोध्या के निकट पाया गया वह अभिलेख (अक्सर 'धनदेव-अभिलेख' के रूप में संदर्भित) ब्राह्मी लिपि में अंकित है। अभिलेख के अंशों में "कोसलाधिपेन द्विररश्वमेधयाजिनः सेनापतेः पुष्पमित्रसुंगस्य ..." जैसे पद स्पष्ट रूप से पढ़े जा सकते हैं जिसे पारम्परिक रूप से यह अर्थ दिया गया कि सेनापति (या बाद में राजा) पुष्यमित्र शुंग ने …