‘स्टेनलेस स्टील’ किन धातुओं को मिश्रित करके बनाया जाता है?
‘स्टेनलेस स्टील’ किन धातुओं को मिश्रित करके बनाया जाता है?
‘स्टेनलेस स्टील’ क्रोमियम, लोहा और निकल धातुओं को मिश्रित करके बनाया जाता है। आधुनिक जीवन की कल्पना स्टेनलेस स्टील के बिना अधूरी प्रतीत होती है। रसोई के बर्तनों से लेकर विशाल औद्योगिक संयंत्रों, अस्पतालों के उपकरणों से लेकर अंतरिक्ष तकनीक तक हर जगह स्टेनलेस स्टील अपनी मजबूती, चमक और जंग-रोधी गुणों के कारण अनिवार्य बन चुका है। स्टेनलेस स्टील मूलतः लोहा (Iron), क्रोमियम (Chromium) और प्रायः निकल (Nickel) के नियंत्रित अनुपात में मिश्रण से बनने वाली एक उन्नत मिश्रधातु (Alloy) है। क्रोमियम की उपस्थिति इसे “स्टेनलेस” अर्थात जंग न लगने वाला बनाती है जबकि निकल इसकी संरचना, लचीलापन और जंग-रोधक क्षमता को और सुदृढ़ करता है। स्टेनलेस स्टील की परिभाषा स्टेनलेस स्टील वह मिश्रधातु है जिसमें कम-से-कम 10.5% क्रोमियम अवश्य होता है। यही न्यूनतम क्रोमियम प्रतिशत सतह पर एक अत्यंत पतली, अदृश्य और आत्म-उपचारक (Self-healing) क्रोमियम ऑक्साइड (Cr₂O₃) की परत बनाता है जो धातु को हवा और नमी के संपर्क से बचाकर जंग से सुरक्षित रखती है। आवश्यकता अनुसार इसमें निकल, मोलिब्डेनम, मैंगनीज, कार्बन आदि तत्व भी मिलाए जाते है…