केंद्र सरकार की DISHA 2.0 योजना लॉन्च: ₹255 करोड़ से मजबूत होगी न्याय तक आम नागरिकों की पहुंच

Sanjay Yadav
केंद्र सरकार ने देश के प्रत्येक नागरिक को न्याय तक सरल, सुलभ और तकनीक आधारित पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए DISHA 2.0 (Designing Innovative Solutions for Holistic Access to Justice) योजना की शुरुआत की है। यह योजना वर्ष 2026-31 की अवधि के लिए लागू की गई है और इसके लिए ₹255 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। योजना का उद्देश्य न्यायिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर गरीब, वंचित और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर कानूनी सहायता प्राप्त हो सके।

केंद्र सरकार की DISHA 2.0 योजना लॉन्च ₹255 करोड़ से मजबूत होगी न्याय तक आम नागरिकों की पहुंच

DISHA 2.0 क्या है?

DISHA 2.0 (Designing Innovative Solutions for Holistic Access to Justice) कानून एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग (Department of Justice) द्वारा संचालित एक केंद्रीय क्षेत्र (Central Sector Scheme) की योजना है। इसका उद्देश्य देशभर में डिजिटल तकनीकों का उपयोग करके न्यायिक सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच को आसान बनाना है।

यह योजना न्यायिक प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए नागरिकों को कानूनी सहायता, कानूनी जानकारी और न्यायिक सेवाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराने का प्रयास करती है।

DISHA 2.0 का उद्देश्य

DISHA 2.0 का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के लिए कानूनी सेवाओं तक पहुंच को सरल, तेज और प्रभावी बनाना है। इसके लिए आधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा जिससे लोग बिना किसी अनावश्यक कठिनाई के कानूनी सलाह प्राप्त कर सकें।

योजना विशेष रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो आर्थिक, सामाजिक या भौगोलिक कारणों से न्यायिक सेवाओं तक आसानी से नहीं पहुंच पाते। इसके माध्यम से नागरिकों के अनुकूल डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे, जो न्यायिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाएंगे।

DISHA 2.0 योजना के प्रमुख घटक

टेली-लॉ (Tele-Law)

DISHA 2.0 का सबसे महत्वपूर्ण घटक टेली-लॉ (Tele-Law) है। इस सेवा के माध्यम से नागरिक अपने मोबाइल फोन, मोबाइल ऐप तथा टोल-फ्री नंबर की सहायता से पैनल में शामिल अनुभवी वकीलों से सीधे जुड़ सकते हैं।

इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक अदालत में मुकदमा दायर करने से पहले ही कानूनी सलाह प्राप्त कर सकते हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा टेली-कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण कानूनी सलाह उपलब्ध कराई जाएगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा छोटे कानूनी विवादों का समाधान प्रारंभिक स्तर पर ही संभव हो सकेगा।

न्याय बंधु (Nyaya Bandhu) – प्रो-बोनो कानूनी सेवाएँ

योजना का दूसरा महत्वपूर्ण घटक न्याय बंधु (Nyaya Bandhu) कार्यक्रम है। यह एक प्रो-बोनो (Pro Bono) कानूनी सेवा पहल है जिसके अंतर्गत अधिवक्ता स्वेच्छा से गरीब, कमजोर और समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करते हैं।

यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के अंतर्गत पात्र हैं। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति भी गुणवत्तापूर्ण कानूनी सहायता प्राप्त कर सकें और न्याय से वंचित न रहें।

कानूनी साक्षरता एवं कानूनी जागरूकता कार्यक्रम (LLLAP)

DISHA 2.0 के अंतर्गत Legal Literacy and Legal Awareness Programme (LLLAP) को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी देना है। इसके लिए विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी मंत्रालयों, विभागों तथा अन्य संगठनों के साथ साझेदारी विकसित की जाएगी।

योजना के अंतर्गत जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की क्षमता विकसित की जाएगी, उन्हें कानूनी रूप से सशक्त बनाया जाएगा तथा कार्यशालाओं, वेबिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, IEC सामग्री, प्रसार भारती तथा अन्य संचार माध्यमों के जरिए पूरे देश में कानूनी जागरूकता का व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

VIDHI – संजीवनी

DISHA 2.0 के तहत VIDHI (Vision for Integrated Delivery of Holistic Legal Initiatives) – संजीवनी को एक प्रमुख घटक के रूप में विकसित किया गया है।

इसका उद्देश्य योजना की निगरानी प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। इसके लिए एक केंद्रीकृत एकीकृत डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा जिसके माध्यम से योजना के सभी घटकों की वास्तविक समय (Real-Time) में निगरानी की जा सकेगी।

यह डैशबोर्ड विभिन्न स्रोतों से प्राप्त डेटा को एकीकृत करेगा और एक ही इंटरफेस पर उपलब्ध कराएगा। इससे कार्यक्रम के प्रदर्शन, सेवा वितरण, लाभार्थियों तक पहुंच, परियोजनाओं की प्रगति तथा कार्यान्वयन की स्थिति का मूल्यांकन करना आसान होगा।

DISHA 2.0 का महत्व

DISHA 2.0 भारत में ई-गवर्नेंस (e-Governance) और डिजिटल न्याय (Digital Justice) की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना न्यायिक सेवाओं को डिजिटल माध्यम से आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास करती है, जिससे न्याय प्रणाली अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और समावेशी बनेगी।

यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विशेष लाभ पहुंचाने में सहायक होगी। साथ ही, यह "सबके लिए न्याय" (Justice for All) के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म, कानूनी जागरूकता और निःशुल्क कानूनी सहायता को एक साथ जोड़कर DISHA 2.0 देश की न्यायिक प्रणाली को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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