भारत-रोमानिया संबंधों को मिली नई मजबूती: विज्ञान, शिक्षा और खेल में हुए 3 अहम समझौते

Sanjay Yadav
भारत और रोमानिया के बीच संबंधों को नई गति देते हुए दोनों देशों ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा तथा खेल के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौते दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। इन समझौतों से अनुसंधान, नवाचार, शैक्षणिक आदान-प्रदान, तकनीकी विकास तथा खेल सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दोनों देशों के नागरिकों और संस्थानों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होने की संभावना है।

भारत-रोमानिया संबंधों को मिली नई मजबूती विज्ञान, शिक्षा और खेल में हुए 3 अहम समझौते

इन समझौतों पर हस्ताक्षर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उनके रोमानियाई समकक्ष के बीच प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता के बाद किए गए। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई तथा भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की गई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, नवाचार और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाया जाना चाहिए।

भारत और रोमानिया ने अगले तीन वर्षों के भीतर अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी निर्धारित किया है। दोनों देशों का मानना है कि व्यापार, निवेश, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, रक्षा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। व्यापार में वृद्धि से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी तथा नए रोजगार और निवेश के अवसर भी उत्पन्न होंगे।

रोमानिया दक्षिण-पूर्वी यूरोप का एक देश है।

रोमानिया दक्षिण-पूर्वी यूरोप में स्थित एक महत्वपूर्ण देश है। इसकी राजधानी बुखारेस्ट (Bucharest) है, जो देश का सबसे बड़ा शहर होने के साथ-साथ राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक केंद्र भी है। बुखारेस्ट को अपनी ऐतिहासिक इमारतों, आधुनिक विकास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण "पूर्व का पेरिस" (Little Paris of the East) भी कहा जाता है।

भौगोलिक दृष्टि से रोमानिया का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसकी सीमाएँ उत्तर में यूक्रेन, उत्तर-पूर्व में मोल्दोवा, दक्षिण-पूर्व में काला सागर (Black Sea), दक्षिण में बुल्गारिया, दक्षिण-पश्चिम में सर्बिया तथा पश्चिम में हंगरी से मिलती हैं। यूरोप के अनेक देशों से जुड़ा होने के कारण रोमानिया व्यापार, परिवहन और सामरिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। काला सागर तक इसकी पहुँच इसे समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बनाती है।

रोमानिया की सबसे प्रसिद्ध प्राकृतिक धरोहरों में डेन्यूब डेल्टा (Danube Delta) प्रमुख है। यह यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा तथा सबसे अच्छी तरह से संरक्षित नदी डेल्टा माना जाता है। इसका अधिकांश भाग रोमानिया में स्थित है, जबकि इसका एक छोटा हिस्सा यूक्रेन में फैला हुआ है। डेन्यूब नदी जब काला सागर में मिलती है, तब विशाल आर्द्रभूमि, झीलों, नहरों और द्वीपों का निर्माण करती है, जिसे डेन्यूब डेल्टा कहा जाता है। यह क्षेत्र जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है और यहाँ हजारों प्रकार के पक्षी, मछलियाँ, वनस्पतियाँ तथा अन्य जीव-जंतु पाए जाते हैं। प्रवासी पक्षियों के लिए भी यह विश्व के सबसे महत्वपूर्ण आवासों में से एक है।

डेन्यूब डेल्टा के असाधारण प्राकृतिक महत्व को देखते हुए यूनेस्को ने इसे वर्ष 1991 में विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) की सूची में शामिल किया। इसके अतिरिक्त इसे रामसर आर्द्रभूमि (Ramsar Wetland) के रूप में भी अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है। यह क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिकी अध्ययन और प्रकृति पर्यटन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

रोमानिया की विदेश नीति और सुरक्षा व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। वर्ष 2004 में यह देश नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन (NATO) का सदस्य बना। नाटो की सदस्यता प्राप्त होने से रोमानिया की सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई तथा यूरोप और अटलांटिक क्षेत्र में इसकी रणनीतिक भूमिका बढ़ी। इसके बाद वर्ष 2007 में रोमानिया यूरोपीय संघ (European Union - EU) का सदस्य बना। यूरोपीय संघ में शामिल होने से देश को मुक्त व्यापार, निवेश, आर्थिक विकास, क्षेत्रीय सहयोग तथा यूरोपीय बाज़ार तक व्यापक पहुँच प्राप्त हुई, जिससे इसकी अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना के विकास को नई गति मिली।

भारत और रोमानिया के बीच सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति, प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा तथा लोगों के बीच संपर्क जैसे अनेक क्षेत्रों में भी लगातार विस्तार हो रहा है। दोनों लोकतांत्रिक देशों के साझा मूल्य, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता तथा बहुपक्षीय सहयोग की भावना उनके संबंधों को और अधिक मजबूत बनाती है। विज्ञान, शिक्षा और खेल के क्षेत्रों में हुए नए समझौते भविष्य में दोनों देशों के बीच नवाचार, ज्ञान के आदान-प्रदान, युवा सहयोग तथा आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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