सौर ऊर्जा की ओर भारत की बड़ी छलांग: PM सूर्य घर योजना से लाखों परिवारों को मिला फायदा

Sanjay Yadav
भारत में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम नागरिकों के बिजली खर्च को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई PM सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना तेजी से सफलता की ओर बढ़ रही है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत 75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 39.7 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। इसके माध्यम से 48 लाख परिवारों को ₹27,343.9 करोड़ की केंद्रीय वित्तीय सहायता (Central Financial Assistance) का लाभ मिला है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि देश में सौर ऊर्जा अपनाने की गति लगातार बढ़ रही है।

सौर ऊर्जा की ओर भारत की बड़ी छलांग PM सूर्य घर योजना से लाखों परिवारों को मिला फायदा

PM सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना क्या है?

PM सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना की शुरुआत वर्ष 2024 में ₹75,021 करोड़ के बजट के साथ की गई थी। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य देश के करोड़ों घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, बिजली के बिलों को कम करना और भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।

आज यह योजना दुनिया का सबसे बड़ा घरेलू रूफटॉप सोलर कार्यक्रम (World’s Largest Residential Rooftop Solar Programme) बन चुकी है, जो भारत की नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) नीति की सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक मानी जाती है।

आसान वित्तीय सहायता ने बढ़ाई योजना की लोकप्रियता

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक इसकी सरल और सुलभ वित्तीय व्यवस्था है।

सरकार ने 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Public Sector Banks) के माध्यम से लाभार्थियों को 6.75 प्रतिशत की रियायती (सब्सिडी वाली) ब्याज दर पर ₹2 लाख तक का बिना गारंटी (Collateral-Free) ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।

इस आसान ऋण सुविधा के कारण मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवार भी बिना अधिक आर्थिक बोझ के अपने घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करा पा रहे हैं। यही कारण है कि योजना को अपनाने की गति लगातार तेज हुई है।

एक करोड़ से अधिक परिवारों ने कराया पंजीकरण

योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय पोर्टल (National Portal) पर 1 करोड़ से अधिक परिवारों ने अपना पंजीकरण कराया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार मई 2026 तक 33 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम सफलतापूर्वक लगाए जा चुके थे, जिनके माध्यम से 12 गीगावाट (GW) से अधिक अतिरिक्त सौर क्षमता राष्ट्रीय ग्रिड में जुड़ चुकी है।

यह उपलब्धि भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हो रहे विस्तार को दर्शाती है।

रूफटॉप सोलर की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि

PM सूर्य घर योजना के प्रभाव से देश में रेजिडेंशियल सोलर क्षमता में रूफटॉप सोलर की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।

वर्तमान में घरेलू सौर क्षमता में रूफटॉप सोलर का योगदान लगभग 45 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।

इसके अलावा 2024 से 2026 के बीच रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना की दर में लगभग 85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि देश में लोग तेजी से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रहे हैं।

भारत की कुल सौर ऊर्जा क्षमता में लगातार वृद्धि

सरकारी आंकड़ों के अनुसार जून के अंत तक भारत की कुल स्थापित (Installed) सौर ऊर्जा क्षमता 162.15 गीगावाट (GW) तक पहुंच चुकी थी।

इसमें शामिल हैं:
  • यूटिलिटी-स्केल (Utility-Scale) सोलर परियोजनाएं,
  • रूफटॉप सोलर सिस्टम,
  • ऑफ-ग्रिड (Off-Grid) सोलर प्रोजेक्ट।
यह उपलब्धि भारत को विश्व के अग्रणी सौर ऊर्जा उत्पादक देशों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

2030 के ऊर्जा लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान

PM सूर्य घर योजना भारत के 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म (Non-Fossil Fuel) ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 तक भारत की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 150 GW से अधिक हो चुकी थी।

इस योजना के माध्यम से केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन ही नहीं बढ़ रहा, बल्कि:
  • आम नागरिकों की बिजली तक पहुंच बेहतर हो रही है,
  • घरेलू बिजली बिलों में कमी आ रही है,
  • और बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) पर सब्सिडी का वित्तीय बोझ भी कम हो रहा है।

योजना का महत्व

PM सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी पहल है।

इस योजना से:
  • स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।
  • कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में सहायता मिल रही है।
  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल रही है।
  • घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में कमी आ रही है।
  • रोजगार और सौर उद्योग को नई गति मिल रही है।
  • भारत के जलवायु परिवर्तन संबंधी वैश्विक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता मिल रही है।

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