खोन, मुखौटा ड्रामा नृत्य प्रस्तुति, जो भगवान राम की महिमा को दर्शाती है, संबंधित है?

Sanjay Yadav
खोन (Khon) मुखौटा ड्रामा नृत्य प्रस्तुति, जो भगवान राम की महिमा को दर्शाती है, किस देश से संबंधित है?
A. कंबोडिया
B. थाईलैंड
C. इंडोनेशिया
D. मलेशिया
उत्तर: B. थाईलैंड

खोन (Khon) मुखौटा ड्रामा नृत्य प्रस्तुति, जो भगवान राम की महिमा को दर्शाती है, थाईलैंड देश से संबंधित है।

खोन (Khon) थाईलैंड की सबसे प्रसिद्ध और पारंपरिक शास्त्रीय नृत्य-नाट्य प्रस्तुतियों में से एक है। यह एक मुखौटा (Masked Dance Drama) शैली है जिसमें कलाकार भव्य पोशाक, आकर्षक मुकुट और सुंदर मुखौटे पहनकर अभिनय तथा नृत्य के माध्यम से भगवान राम की कथा का मंचन करते हैं। यह नृत्य मुख्य रूप से रामायण के थाई संस्करण रामाकियन (Ramakien) पर आधारित है। रामाकियन थाई संस्कृति का एक महत्वपूर्ण महाकाव्य है, जिसे भारतीय रामायण से प्रेरणा लेकर स्थानीय परंपराओं के अनुसार विकसित किया गया है। 

खोन नृत्य में कलाकार सामान्यतः स्वयं संवाद नहीं बोलते। पात्रों के संवाद और कथा का वर्णन अलग से गायक एवं वाचक (Narrator) द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, जबकि मंच पर कलाकार केवल भाव-भंगिमाओं, हस्त मुद्राओं और नृत्य के माध्यम से कहानी को जीवंत बनाते हैं। इस कला में संगीत, नृत्य, अभिनय और पारंपरिक वेशभूषा का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है।

खोन नृत्य में भगवान राम, सीता, हनुमान, रावण तथा अन्य पात्रों का विशेष महत्व होता है। विशेष रूप से हनुमान और रावण के मुखौटे अत्यंत आकर्षक और कलात्मक होते हैं। प्रत्येक पात्र के लिए अलग प्रकार की पोशाक, मुखौटा और नृत्य शैली निर्धारित होती है, जिससे दर्शक आसानी से पात्रों की पहचान कर सकें।

थाईलैंड में खोन को राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर का दर्जा प्राप्त है और इसे राजकीय समारोहों, सांस्कृतिक उत्सवों तथा विशेष अवसरों पर प्रस्तुत किया जाता है। इस नृत्य शैली के संरक्षण और संवर्धन के लिए थाई सरकार तथा विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाएँ लगातार कार्य कर रही हैं। वर्ष 2018 में यूनेस्को (UNESCO) ने Khon, masked dance drama in Thailand को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage of Humanity) की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और अधिक बढ़ गई।

प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से यह प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय संस्कृति का प्रभाव दक्षिण-पूर्व एशिया के अनेक देशों, विशेषकर थाईलैंड, कंबोडिया, इंडोनेशिया और लाओस की कला, साहित्य तथा परंपराओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इसी कारण परीक्षाओं में अक्सर रामायण पर आधारित नृत्य-नाट्य, सांस्कृतिक विरासत तथा यूनेस्को से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।

National GK के लिए यह विषय कला एवं संस्कृति (Art & Culture), रामायण पर आधारित अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक परंपराओं तथा UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत से संबंधित एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान (GK) विषय है, जो SSC, UPSC, राज्य लोक सेवा आयोग, बैंकिंग, रेलवे, TET तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है।

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