चोलवंश का संस्थापक कौन था?

चोलवंश का संस्थापक कौन था?
चोलवंश का संस्थापक विजयालय था। भारतीय इतिहास में दक्षिण भारत के महान राजवंशों में चोलवंश का स्थान अत्यंत गौरवपूर्ण है। इस वंश ने न केवल राजनीतिक शक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाई बल्कि प्रशासन, कला, स्थापत्य, समुद्री व्यापार और सांस्कृतिक विस्तार के क्षेत्र में भी अमिट छाप छोड़ी। चोल शासकों का शासनकाल दक्षिण भारत के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय माना जाता है। इस महान वंश की स्थापना जिस शासक ने की वह था विजयालय चोल। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, चोलवंश का संस्थापक विजयालय था जिसने 9वीं शताब्दी ईस्वी में चोल शक्ति की नींव रखी और एक ऐसे साम्राज्य की आधारशिला डाली जिसने आने वाले सदियों तक भारत और दक्षिण–पूर्व एशिया को प्रभावित किया। चोलवंश का परिचय चोलवंश दक्षिण भारत का एक प्राचीन राजवंश था जिसका उल्लेख हमें संगम साहित्य, अभिलेखों और विदेशी यात्रियों के विवरणों में मिलता है। यह वंश मुख्यतः तमिलनाडु क्षेत्र में केंद्रित था और समय के साथ इसने केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश तथा समुद्र पार के क्षेत्रों तक अपना प्रभाव फैलाया। चोलों की पहचान: शक्तिशाली केंद्रीय प्रशासन सुदृढ़ नौसेना भव्य मंदिर स्थापत्य कुशल…

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