भरतनाट्यम को मूल रूप से किस नाम से जाना जाता था?

भरतनाट्यम को मूल रूप से किस नाम से जाना जाता था?
भरतनाट्यम को मूल रूप से सादिर अट्टम के नाम से जाना जाता था। भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा अत्यंत समृद्ध, बहुरंगी और गहन दार्शनिक आधार पर टिकी हुई है। इन्हीं शास्त्रीय नृत्य रूपों में भरतनाट्यम का विशेष स्थान है। आज भरतनाट्यम विश्वभर में भारतीय संस्कृति की पहचान बन चुका है परंतु बहुत कम लोग जानते हैं कि इस नृत्य शैली को मूल रूप से सादिर अट्टम (Sadir Attam) के नाम से जाना जाता था। समय के साथ सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिवर्तनों के कारण इसका नाम, स्वरूप और प्रस्तुति शैली विकसित होती गई और अंततः यह “भरतनाट्यम” के नाम से प्रतिष्ठित हुआ। सादिर अट्टम: उद्गम और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि प्राचीन परंपरा से संबंध भरतनाट्यम की जड़ें प्राचीन भारतीय ग्रंथ नाट्यशास्त्र में मिलती हैं जिसे भरतमुनि द्वारा रचित माना जाता है। इस ग्रंथ में नृत्य, संगीत और अभिनय के सिद्धांतों का विस्तार से वर्णन है। सादिर अट्टम भी इन्हीं सिद्धांतों पर आधारित मंदिर-नृत्य परंपरा का एक जीवंत रूप था। दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु के मंदिरों में यह नृत्य देवदासी परंपरा से जुड़ा हुआ था। देवदासियाँ मंदिरों में देवताओं की सेवा…

Post a Comment