जागोई और चोलम दो मुख्य प्रभाग किस नृत्य के हैं?

जागोई और चोलम दो मुख्य प्रभाग किस नृत्य के हैं?
जागोई और चोलम दो मुख्य प्रभाग मणिपुरी नृत्य के हैं। भारत की शास्त्रीय नृत्य परंपरा अत्यंत समृद्ध, विविधतापूर्ण और सांस्कृतिक रूप से गहन है। इन नृत्य परंपराओं में मणिपुरी नृत्य का स्थान विशिष्ट है। यह नृत्य अपनी कोमलता, आध्यात्मिक भावभूमि, सौम्य गतियों और भक्ति-प्रधान अभिव्यक्ति के लिए जाना जाता है। मणिपुरी नृत्य केवल एक कला-रूप नहीं बल्कि जीवन-दर्शन और धार्मिक आस्था का सजीव रूप है। परंपरागत रूप से मणिपुरी नृत्य को दो मुख्य प्रभागों में विभाजित किया गया है जागोई (Jagoi) और चोलम (Cholom)। ये दोनों प्रभाग नृत्य की संरचना, शैली, गति, उद्देश्य और प्रस्तुति-पद्धति के आधार पर एक-दूसरे से भिन्न होते हुए भी परस्पर पूरक हैं। मणिपुरी नृत्य की पृष्ठभूमि मणिपुरी नृत्य का उद्भव उत्तर-पूर्वी भारत के मणिपुर राज्य में हुआ। यहाँ की लोक-आस्थाएँ, वैष्णव भक्ति परंपरा, स्थानीय देवी-देवताओं की उपासना, तथा प्राकृतिक सौंदर्य इन सभी का गहरा प्रभाव इस नृत्य पर पड़ा है। विशेष रूप से रासलीला परंपरा ने मणिपुरी नृत्य को आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की। मणिपुरी नृत्य में लास्य और तांडव का संतुलन दिखाई देता है परंतु इसकी मू…

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