फील्ड्स मेडल 2026 (Fields Medal 2026) जिसे अक्सर "गणित का नोबेल पुरस्कार" कहा जाता है, इस वर्ष यू डेंग (Yu Deng), जॉन पार्ड़न (John Pardon), जैकब त्सिमरमैन (Jacob Tsimerman) और होंग वांग (Hong Wang) को प्रदान किया गया है। यह सम्मान गणित के क्षेत्र में असाधारण शोध और योगदान देने वाले युवा गणितज्ञों को दिया जाता है।
फील्ड्स मेडल क्या है?
फील्ड्स मेडल दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित गणित पुरस्कार माना जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1936 में हुई थी और इसका नाम प्रसिद्ध कनाडाई गणितज्ञ जे. सी. फील्ड्स (J. C. Fields) के सम्मान में रखा गया।
चूंकि गणित के लिए अलग से कोई नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाता, इसलिए फील्ड्स मेडल को व्यापक रूप से "गणित का नोबेल पुरस्कार" कहा जाता है।
कौन देता है यह पुरस्कार?
फील्ड्स मेडल हर चार वर्ष में इंटरनेशनल मैथमेटिकल यूनियन (International Mathematical Union - IMU) द्वारा प्रदान किया जाता है।
IMU एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी (Non-Governmental) और गैर-लाभकारी (Non-Profit) वैज्ञानिक संगठन है जिसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में गणित के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, अनुसंधान और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
कौन बन सकता है फील्ड्स मेडल का विजेता?
फील्ड्स मेडल केवल उन 40 वर्ष से कम आयु के शोधकर्ताओं को दिया जाता है जिन्होंने गणित के क्षेत्र में असाधारण और मौलिक योगदान दिया हो।
इस आयु सीमा का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें भविष्य में और बड़े शोध कार्यों के लिए प्रेरित करना है।
नोबेल पुरस्कार से कैसे अलग है फील्ड्स मेडल?
फील्ड्स मेडल और नोबेल पुरस्कार के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि:
नोबेल पुरस्कार अधिकतम तीन व्यक्तियों के बीच साझा किया जा सकता है जबकि फील्ड्स मेडल हर चार वर्षीय चक्र में कम से कम दो और अधिकतम चार गणितज्ञों को प्रदान किया जाता है।
इसी कारण कई बार एक ही वर्ष में चार अलग-अलग गणितज्ञों को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलता है।
विजेताओं को क्या मिलता है?
फील्ड्स मेडल के प्रत्येक विजेता को:
- प्रतिष्ठित फील्ड्स मेडल
- और 15,000 कनाडाई डॉलर का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
हालांकि इसकी आर्थिक राशि अन्य अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की तुलना में कम है लेकिन इसकी प्रतिष्ठा विश्वभर में अत्यंत ऊँची मानी जाती है।
भारतीय मूल के विजेताओं की उपलब्धि
अब तक भारतीय मूल के दो गणितज्ञ इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त कर चुके हैं।
मंजुल भार्गव
- वर्ष 2014 में भारतीय मूल के प्रसिद्ध गणितज्ञ मंजुल भार्गव को गणित में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए फील्ड्स मेडल से सम्मानित किया गया।
अक्षय वेंकटेश
- इसके बाद 2018 में भारतीय मूल के गणितज्ञ अक्षय वेंकटेश को भी फील्ड्स मेडल प्रदान किया गया। उनकी उपलब्धि ने वैश्विक गणित जगत में भारत का गौरव बढ़ाया।
फील्ड्स मेडल का महत्व
फील्ड्स मेडल केवल एक पुरस्कार नहीं बल्कि गणित के क्षेत्र में सर्वोच्च उपलब्धियों का प्रतीक माना जाता है। यह सम्मान युवा वैज्ञानिकों को नई खोजों और शोध के लिए प्रेरित करता है तथा वैश्विक स्तर पर गणितीय अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करता है।
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