शरीर का सारा रक्त किसके माध्यम से शुद्ध होता है?
शरीर का सारा रक्त वृक्क (किडनी) के माध्यम से शुद्ध होता है। मानव शरीर एक अत्यंत जटिल एवं सुव्यवस्थित जैविक तंत्र है जिसमें प्रत्येक अंग अपनी-अपनी विशिष्ट भूमिका निभाता है। इन अंगों में वृक्क (किडनी) का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामान्यतः कहा जाता है कि शरीर का सारा रक्त वृक्कों के माध्यम से शुद्ध होता है। यह कथन पूर्णतः वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है। किडनी न केवल रक्त को शुद्ध करती है बल्कि शरीर में जल-संतुलन, लवण-संतुलन, अम्ल-क्षार संतुलन तथा अनेक हार्मोनल क्रियाओं को भी नियंत्रित करती है। वृक्क का स्थान एवं संरचना मानव शरीर में दो वृक्क होते हैं जो पेट के पिछले भाग में रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर स्थित रहते हैं। प्रत्येक वृक्क सेम के आकार का होता है और इसका रंग गहरा लाल-भूरा होता है। वयस्क मनुष्य में प्रत्येक वृक्क की लंबाई लगभग 10–12 सेंटीमीटर होती है। प्रत्येक वृक्क के भीतर सूक्ष्म संरचनात्मक इकाइयाँ पाई जाती हैं जिन्हें नेफ्रॉन कहा जाता है। एक वृक्क में लगभग 10 लाख नेफ्रॉन होते हैं। यही नेफ्रॉन रक्त के शोधन की वास्तविक इकाई होते हैं। नेफ्रॉन की संरचना नेफ्रॉन मुख्यतः दो भागों से मिलकर…